नई दिल्ली, अग्निपथ। भारतीय रेलवे वित्त वर्ष २०२६-२७ में अपने यात्रियों के सफर को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रेल मंत्रालय ने तकनीक से लेकर नियमों तक में कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जो आने वाले समय में रेल यात्रा की परिभाषा बदल देंगे। टिकट रिफंड के नए नियमों से लेकर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तक, इस साल रेलवे में होने वाले ८ प्रमुख बदलावों का विवरण इस प्रकार है:
टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बदलाव
रेलवे ने टिकट रद्द करने की समय सीमा को और अधिक सख्त कर दिया है। नए नियमों के अनुसार, अब यात्रियों को टिकट पर रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम ८ घंटे पहले कैंसिलेशन करना होगा। पहले यह समय सीमा ४ घंटे की थी। यदि कोई यात्री निर्धारित समय से ८ घंटे से कम वक्त में टिकट कैंसिल करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यह नई नीति १५ अप्रैल २०२६ तक लागू होने की संभावना है।
देशव्यापी काउंटर टिकट कैंसिलेशन सुविधा
यात्रियों को एक बड़ी राहत देते हुए रेलवे ने अब काउंटर टिकट कैंसिल कराने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब यात्री देश के किसी भी रेलवे स्टेशन के काउंटर पर जाकर अपना टिकट कैंसिल करा सकते हैं और रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए अब यात्रा शुरू होने वाले स्टेशन या गंतव्य स्टेशन पर जाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
नई सुविधा के तहत यात्री अब ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से रवाना होने के ३० मिनट पहले तक डिजिटल माध्यम से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यदि कोई यात्री अपने पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो वह अगले स्टेशन से कन्फर्म सीट पर यात्रा जारी रख सकेगा। इसके साथ ही, यात्री अब ट्रेन छूटने से ३० मिनट पहले तक अपनी ट्रैवल क्लास (जैसे स्लीपर से एसी) में भी बदलाव या अपग्रेड करा सकेंगे।
पहली हाइड्रोजन ट्रेन और प्रदूषण मुक्त सफर
भारत अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन को ट्रैक पर उतारने के अंतिम चरण में है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन ने इसका परीक्षण पूरा कर लिया है। यह १० कोच वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन होगी, जो धुएं के बजाय केवल पानी की भाप छोड़ेगी। यह कदम रेलवे को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की सौगात
लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इस साल १२ नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इनमें अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और विश्व स्तरीय कोच होंगे। गुवाहाटी से हावड़ा जैसे रूटों पर इनका किराया हवाई यात्रा के मुकाबले काफी किफायती रखा गया है, जिससे आम यात्री भी प्रीमियम सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण
प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करने के लिए ७५ प्रमुख स्टेशनों पर नए होल्डिंग एरिया (यात्री सुविधा केंद्र) बनाए जाएंगे। साथ ही, भारतीय रेलवे अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के १०० प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बेहद करीब है। वर्तमान में ९९.२ प्रतिशत नेटवर्क बिजली से लैस हो चुका है, जिसे इस वित्त वर्ष के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
