धार, अग्निपथ। डही में घटित दिल दहला देने वाले लूट और हत्याकांड का पुलिस ने चंद दिनों के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया है। कुक्षी रोड स्थित एक ऑटो डील शोरूम से टेस्ट ड्राइव के बहाने बोलेरो वाहन लूटने और शोरूम के निर्दोष कर्मचारी की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो बाल अपचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
भरोसे की आड़ में रची गई खूनी साजिश
घटनाक्रम के अनुसार, 11 अप्रैल को डही स्थित ए-वन ऑटो डील शोरूम पर तीन अज्ञात युवक ग्राहक बनकर पहुँचे थे। आरोपियों ने बोलेरो वाहन (एमपी 04 टीटी 3572) खरीदने की इच्छा जताई और सेल्समैन को अपनी बातों में उलझा लिया। विश्वास जीतने के बाद उन्होंने टेस्ट ड्राइव की मांग की। शोरूम संचालक ने अपने कर्मचारी साहिल को उनके साथ वाहन में भेज दिया। आरोपियों के मन में पहले से ही लूट का इरादा था, वे साहिल को साथ लेकर वाहन सहित रफूचक्कर हो गए। जब काफी देर तक वाहन वापस नहीं लौटा, तो फरियादी मोहम्मद हारुन खत्री ने पुलिस में अपहरण और लूट की शिकायत दर्ज कराई।
जंगलों में घेराबंदी और सीसीटीवी से मिला सुराग
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तत्काल चार विशेष टीमों का गठन किया। जाँच के दौरान पुलिस को पहली सफलता तब मिली जब लूटी गई बोलेरो ग्राम सुसारी के पास पलटी हुई अवस्था में बरामद हुई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे एक संदिग्ध की पहचान सुनील निवासी आम्बी (जिला अलीराजपुर) के रूप में हुई। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आम्बुआ के जंगलों में दबिश दी और मुख्य आरोपी सुनील को दबोच लिया।
विरोध करने पर सीने में उतार दी गोली
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि टेस्ट ड्राइव के दौरान जब वे वाहन लेकर भागने लगे, तो कर्मचारी साहिल ने जांबाजी दिखाते हुए उनका कड़ा विरोध किया। अपनी योजना को विफल होते देख आरोपियों ने साहिल को गोली मार दी। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को सुसारी के पास एक सुनसान कच्चे रास्ते पर झाड़ियों में फेंक दिया।
हत्या के बाद आरोपी वाहन लेकर भाग रहे थे, लेकिन हड़बड़ाहट में बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन पलटने के बाद आरोपी पैदल ही जंगलों के रास्ते भाग निकले। करीब 15-16 किलोमीटर पैदल चलने के बाद उन्होंने अपने एक अन्य साथी को फोन कर मोटरसाइकिल के साथ बुलाया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने 12 अप्रैल को कड़ी मशक्कत के बाद साहिल का शव बरामद किया था।
शातिर अपराधी है मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी सुनील पिता राधेशिंह मेहडा कोई नौसिखिया नहीं बल्कि एक शातिर अपराधी है। उस पर पूर्व में भी अलीराजपुर जिले में हत्या और जानलेवा हमले जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार और भागने में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को बरामद करने का प्रयास कर रही है।
इस अंधे कत्ल और लूट का खुलासा करने में कुक्षी, टांडा, जोबट, डही और आम्बुआ थाना प्रभारियों सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता पर वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
