उज्जैन, अग्निपथ। नानाखेड़ा पुलिस ने शादी का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करने वाली ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की मुख्य सदस्य लुटेरी दुल्हन और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों महिला आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि इनका एक अन्य साथी फिलहाल फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
शादी की तलाश में पहुंचे थे इंदौर, फिर बिछाया जाल
नानाखेड़ा पुलिस के अनुसार, राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के ग्राम डीकनिया की रहने वाली श्यामा पति कंवरलाल मोगिया अपने भाई पप्पू के लिए लड़की की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मंदसौर निवासी कान्हा उर्फ कांजी कुमावत ने उनसे संपर्क किया और बताया कि वह इंदौर में एक महिला के माध्यम से अच्छी लड़की दिखा सकता है। कान्हा की बातों में आकर फरियादी पक्ष इंदौर पहुंचा, जहां उनकी मुलाकात संगीता ठाकुर नाम की महिला से करवाई गई।
डेढ़ लाख रुपये लेकर उज्जैन भेजा, फिर दुल्हन मुकर गई
संगीता ठाकुर ने ज्योति जाट नाम की युवती को शादी के लिए पप्पू के सामने पेश किया। युवती पसंद आने पर आरोपियों ने शादी तय करने के नाम पर श्यामा मोगिया से 1 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद आरोपियों ने फरियादी पक्ष को यह कहकर उज्जैन रवाना कर दिया कि वे दूसरी गाड़ी से पीछे-पीछे आकर शादी से संबंधित कानूनी दस्तावेज तैयार करवा देंगे।
जैसे ही यह लोग उज्जैन पहुंचे, ज्योति जाट ने अचानक शादी करने से इनकार कर दिया और डेढ़ लाख रुपये हड़प लिए। खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ितों ने तुरंत पुलिस की शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की। मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने संगीता पति नरेंद्र ठाकुर (30 वर्ष) निवासी सूरज नगर, बंगाली चौराहा, इंदौर और ज्योति पति धर्मेंद्र जाट (31 वर्ष) निवासी पालदा नाका, इंदौर को धर दबोचा। इस गिरोह का तीसरा सदस्य कान्हा उर्फ कांजी कुमावत निवासी मंदसौर अभी फरार है। दोनों महिला आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना
यह गिरोह बेहद शातिराना ढंग से काम करता था। आरोपी सबसे पहले उन भोले-भाले परिवारों को चुनते थे जिन्हें शादी के लिए लड़की की जरूरत होती थी। पहले उन्हें सुंदर लड़की दिखाकर विश्वास में लिया जाता और फिर शादी के नाम पर मोटी रकम वसूल ली जाती थी। रकम हाथ आते ही दुल्हन बनी युवती किसी न किसी बहाने से मुकर जाती या मौका पाकर फरार हो जाती थी।
