उज्जैन, अग्निपथ। शिप्रा नदी के रामघाट पर राणोजी की छतरी के सामने नदी में एक युवक की लाश तैरती मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही वहां तैनात एसडीआरएफ, होमगार्ड के जवान और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला। महाकाल थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए चरक अस्पताल भिजवाया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
जेब में मिले पहचान पत्रों से हुई शिनाख्त
बुधवार शाम करीब 5:00 बजे जब श्रद्धालु रामघाट पर स्नान कर रहे थे, तभी उन्हें एक शव तैरता हुआ नजर आया। शोर मचने पर होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हुई। जब शव को बाहर निकाला गया, तो मृतक की जेब से चश्मे के कवर में रखे कुछ रुपये, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, वोटर आईडी और गाड़ी की चाबी बरामद हुई। दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान 45 वर्षीय विमल कुमार पिता कुंवर सिंह यादव के रूप में हुई। विमल इंदौर के शांतिनगर, छोटा बांगड़दा क्षेत्र का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार शव एक-दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है।
इंदौर के एरोड्रम थाने में दर्ज थी गुमशुदगी
मृतक के भाई दीपक यादव ने बताया कि विमल पिछले करीब 25 दिनों से घर से लापता था। उसके गायब होने के अगले ही दिन परिजनों ने इंदौर के एरोड्रम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजनों के अनुसार, विमल पहले स्कूल बस में कंडक्टर का कार्य करता था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। मृतक शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं।
विमल इंदौर से उज्जैन कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल यह जांच का विषय है। महाकाल थाना पुलिस परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
