उज्जैन, अग्निपथ। सिंहस्थ क्षेत्र की बेशकीमती जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराने के लिए उज्जैन नगर निगम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर के जूना सोमवारिया स्थित पानी की टंकी के पास करीब 1 हेक्टेयर (लगभग 2.5 एकड़) से अधिक सरकारी भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। मुक्त कराई गई इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
अतिक्रमण विरोधी मुहिम के दौरान नगर निगम के क्रेन और जेसीबी ने मौके पर बने 18 से 20 अवैध मकानों, दुकानों और बड़े गोडाउन को जमींदोज कर दिया। दरअसल, इस मूल्यवान भूमि पर कबाड़ व्यवसायियों, लकड़ी की टाल संचालकों और कुछ स्थानीय रसूखदारों ने अवैध रूप से पक्के मकान और गोदाम तान लिए थे। सिंहस्थ महापर्व के प्रबंधन और सुचारू आयोजन के दृष्टिकोण से यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसे देखते हुए निगम ने इसे खाली कराने का कड़ा फैसला लिया।
उच्च न्यायालय से स्टे खारिज होते ही एक्शन में आया प्रशासन
यह मामला लंबे समय से कानूनी दांव-पेंच में फंसा हुआ था। नगर निगम की शुरुआती कार्रवाई के खिलाफ कब्जाधारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और उन्हें कोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे) मिल गया था। हालांकि, नगर निगम के विधि सलाहकारों और वकीलों ने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष शासन का पक्ष बेहद मजबूती और तथ्यात्मक रूप से रखा।
हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा कब्जाधारियों के स्टे को खारिज करते ही निगम प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। अदालत का हरी झंडी मिलते ही सोमवार सुबह भारी पुलिस बल और रिमूवल गैंग के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और बिना समय गंवाए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई संयुक्त कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा की सीधी देखरेख और अपर आयुक्त संतोष टैगोर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार शेफाली जैन, निगम के अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता, भवन अधिकारी राजकुमार राठौर और भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता सहित भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा। प्रशासन की इस सख्त और त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र की जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

