उज्जैन, अग्निपथ। शहर के मंगलनाथ रोड स्थित गंगाघाट श्री मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर और निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। डाक से भेजे गए इस पत्र में उदयपुर के कन्हैयालाल दर्जी की तरह हश्र करने की बात कही गई है।
संत को यह धमकी भरा पत्र आश्रम के पते पर प्राप्त हुआ है, जिसे खोलते ही हड़कंप मच गया। हाथ से लिखे इस पत्र में बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है। घटना के बाद महामंडलेश्वर ने तुरंत उज्जैन पुलिस अधीक्षक को मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
उत्तर प्रदेश के महू से आया धमकी भरा खत
सुरक्षा एजेंसियों के प्रारंभिक इनपुट के अनुसार, यह पत्र उत्तर प्रदेश के महू शहर से पोस्ट किया गया है। पत्र लिखने वाले ने महामंडलेश्वर पर नबी की शान में गुस्ताखी करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही सीधे तौर पर उन्हें जहन्नुम भेजने की चेतावनी दी गई है।
खत की भाषा बेहद आक्रामक है, जिसमें साफ शब्दों में देश के शीर्ष राजनेताओं का जिक्र किया गया है। पत्र में लिखा है कि इस बार ‘तुझे मोदी और मोहन भी नहीं बचा सकेंगे।’ इस इनपुट के बाद स्थानीय खुफिया विभाग सतर्क हो गया है।
कन्हैयालाल और दिल्ली हत्याकांड का दिया हवाला
चिट्ठी में अपराधियों ने खौफ पैदा करने के लिए हालिया हिंसक घटनाओं का हवाला दिया है। इसमें लिखा गया है कि ‘कन्हैया लाल दर्जी के कत्ल और दिल्ली में बकरीद पर हुई कुर्बानी का वीडियो देख ले, अब अगला नंबर तेरा ही है।’
महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि ने बताया कि सनातन धर्म के लिए लगातार काम करने के कारण वे निशाने पर हैं। उन्होंने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर बड़ौदा और उज्जैन में पहले भी हमले हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा नहीं मिली।
तीन साल में तीसरी बार मिला मौत का फरमान
यह पहला मामला नहीं है जब निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर को इस तरह का धमकी भरा पत्र मिला हो। इससे पहले साल 2023 और 2025 में भी उन्हें इसी तरह के पत्र भेजकर डराने की कोशिश की जा चुकी है। हर बार साजिश का पैटर्न एक जैसा ही रहा है।
साल 2025 में प्रयागराज से उर्दू भाषा में एक पत्र भेजा गया था, जिसमें सगीर अहमद नामक व्यक्ति का नाम दर्ज था। उस पत्र में भी ‘सिर तन से जुदा’ करने की बात लिखी गई थी। वहीं 2023 में अखाड़ा परिषद की बैठक के दौरान अज्ञात ने उर्दू में धमकी दी थी।
धर्म परिवर्तन और वैदिक विवाह बने विवाद की वजह
आश्रम में होने वाली धार्मिक गतिविधियां और घर वापसी के कार्यक्रम इस विवाद की मुख्य वजह माने जा रहे हैं। महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि ने हाल ही में कई मुस्लिम युवतियों को सनातन धर्म में शामिल कराकर उनका वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया है।
इसी तरह जून 2024 में एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला फरहा ने अपनी बेटी के साथ हिंदू धर्म अपनाकर अनिकेत चौबे से शादी की थी। इसके अलावा मई 2026 में गांधी नगर के सलमान खान ने भी स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाकर अपना नया नाम शांतनु रखा था।