आसमान में छाए काले बादल, तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश से बदला मौसम; बत्ती गुल होने से लोग बेहाल

उज्जैन, अग्निपथ। शहर में सोमवार दोपहर को मौसम ने अचानक करवट ले ली। कड़कती धूप और भीषण उमस के बीच आसमान में अचानक काले-घने बादलों का डेरा जमा हो गया, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके बाद करीब 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी के कारण सड़कों पर धूल का गुबार उठ खड़ा हुआ, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आंधी के ठीक 10 मिनट बाद बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। हालांकि, यह बारिश काफी देर तक हल्की बूंदाबांदी के रूप में ही गिरती रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। इस पहली मानसूनी फुहार ने शहरवासियों को पिछले कई दिनों से तपा रही भीषण गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत दे दी है।

उमस ने छूआ 42 डिग्री का अहसास, रात में पंखों ने दी राहत

सोमवार दोपहर तक शहर में तेज धूप का प्रकोप बना हुआ था, जिससे लोग बेहाल हो रहे थे। जीवाजीराव वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, हवा में नमी और भारी उमस के चलते आम लोगों को यह तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी जैसा महसूस हो रहा था।

जीवाजीराव वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया कि दिन में तेज धूप निकलने की वजह से पारे में यह उछाल देखा गया था। उन्होंने साफ किया कि अब प्री-मानसून का दौर शुरू हो चुका है, इसलिए आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रहेगा। खास बात यह रही कि बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं के कारण रात के मौसम में अच्छी-खासी ठंडक घुल गई, जिससे लोगों ने चैन की नींद ली।

वल्लभ नगर और खेड़ापति जोन में अघोषित कटौती से फूटा गुस्सा

मौसम बदलते ही शहर की चरमराई बिजली व्यवस्था ने एक बार फिर उपभोक्ताओं के पसीने छुड़ा दिए। बिजली विभाग द्वारा कभी मेंटेनेंस तो कभी तकनीकी फाल्ट के नाम पर कई इलाकों में घंटों अघोषित कटौती की जा रही है। शहर का वल्लभ नगर जोन इस मामले में सबसे ज्यादा कुख्यात साबित हो रहा है, जहां के रहवासी बिजली की इस आंख-मिचौली से बुरी तरह त्रस्त हो चुके हैं।

बिजली कंपनी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये का आलम यह है कि सुबह पेयजल सप्लाई के जरूरी समय पर भी बिजली गुल कर दी जाती है। इसके अलावा खेड़ापति जोन के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में भी बिना किसी पूर्व सूचना के असमय शटडाउन ले लिया जाता है। सरकार के दावों के विपरीत विभाग की लचर मेंटेनेंस व्यवस्था के कारण स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश पनप रहा है।

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