कायथा/उज्जैन, अग्निपथ। आगामी सिंहस्थ धार्मिक मेले के पूर्व उज्जैन से मक्सी मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने का कार्य तेज गति से संचालित किया जा रहा है। हालांकि इस निर्माणाधीन महत्वपूर्ण सड़क की वास्तविक चौड़ाई को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि सड़क को तय मानकों से काफी संकरा बनाया जा रहा है। यदि निर्माण के समय ही पर्याप्त चौड़ाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो आगामी महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों के भारी दबाव के कारण इस पूरे मार्ग पर विकराल जाम की स्थिति निर्मित हो जाएगी।
52 के स्थान पर केवल 30 फीट चौड़ाई
तराना विधानसभा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश राजोरिया ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और चौड़ाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कायथा तथा विजयगंज मंडी सहित अनेक घने स्थानों पर सेंटर से निर्धारित 52 फीट स्थान के स्थान पर केवल 30 से 40 फीट भूमि में ही फोरलेन का निर्माण समेटा जा रहा है। इतना ही नहीं, इस सीमित चौड़ाई के भीतर ही लगभग 4 फीट हिस्से में पक्की नाली का निर्माण भी शामिल किया गया है। इससे मुख्य सड़क का कैरिजवे काफी संकरा हो जाएगा। जनप्रतिनिधि ने मांग की है कि पूरे मार्ग पर स्वीकृत 52 फीट की चौड़ाई में ही सड़क का निर्माण पूर्ण कराया जाए ताकि भविष्य में दोबारा चौड़ीकरण की आवश्यकता न पड़े।
दूसरी ओर निर्माण एजेंसी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने जनप्रतिनिधियों की मांगों को खारिज कर दिया है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों का तर्क है कि पूरा निर्माण कार्य शासन स्तर से स्वीकृत टीसीएस के अनुरूप ही कराया जा रहा है। विभाग निर्धारित और स्वीकृत डिजाइन से बाहर जाकर किसी भी प्रकार का बदलाव करने में असमर्थ है।
महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का विवरण
यह पूरी परियोजना बत्तीस किलोमीटर से अधिक लंबी है और इसकी कुल लागत दो सौ तिहत्तर करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इस मार्ग पर नौ बड़े पुल तथा पचपन छोटी पुलियाएं बनाई जानी हैं। यह मार्ग सिंहस्थ के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन विकास के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

