उज्जैन, अग्निपथ। पत्नी की गला घोंटकर नृशंस हत्या करने वाले आरोपी पति को न्यायालय ने कड़ा दंड सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश विकास चौहान की कोर्ट ने आरोपी दिनेश चौहान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। सजा के साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या का कारण
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप भदौरिया के अनुसार यह दुखद घटना 22 मई 2022 की है। मृतका लीला बाई के पुत्र हर्षित ने पुलिस को इस वारदात की सूचना दी थी। हर्षित ने बताया था कि वह राज रॉयल कॉलोनी में रहता है और उसके पिता दिनेश चौहान ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी रेखा चौहान राजीव नगर में रहती है, जबकि हर्षित की माँ लीला बाई के साथ दिनेश ने करीब 14 साल पहले दूसरी शादी की थी। लीला की भी यह दूसरी शादी थी और हर्षित उसके पहले पति का पुत्र है, लेकिन वह बचपन से ही पिता के रूप में दिनेश चौहान का नाम उपयोग करता आ रहा है।
रात में फोन पर दी हत्या की सूचना
मामले की पृष्ठभूमि में पहली पत्नी को तलाक देकर साथ रहने की बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी शाम को इसी विषय पर दिनेश और लीला के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद दिनेश अपनी पत्नी लीला को रामघाट घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला था। देर रात लगभग 11 बजे दिनेश ने अपने पुत्र हर्षित को फोन किया और खौफनाक सच बताया। उसने फोन पर कहा कि उसने लीला की वीर नगर स्थित घर पर गला घोंटकर हत्या कर दी है और घर की चाबी दरवाजे की ताक पर रख दी है।
पुलिस की जांच और न्यायालय का फैसला
पिता की बात सुनकर हर्षित तुरंत वीर नगर स्थित किराये के मकान पर पहुँचा। जब उसने दरवाजा खोला तो अंदर लीला बाई का शव पड़ा हुआ था। इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिनेश चौहान के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था। प्रकरण के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपने तर्क और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दिनेश चौहान को हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
