शाजापुर, अग्निपथ। शादी-विवाह के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बेटे के लिए सुयोग्य वधू की तलाश कर रहे परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर दलाल उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में, बेटे की शादी कराने और घर में बहू लाने का झांसा देकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 1.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को मोहन बड़ोदिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को चकमा देकर यह आरोपी पिछले दो महीने से फरार चल रहा था।
घटना को लेकर ग्राम पीरखेड़ी करजू निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुंदर बाई ने 26 मई 2026 को थाना मोहन बड़ोदिया में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादिया ने बताया था कि उन्हीं के गांव के रहने वाले किशोर पिता कंवरलाल बागरी ने उनके बेटे के लिए बहू लाने और विवाह संपन्न कराने का पक्का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में आरोपी ने उनसे 1,40,000 रुपये नकद ऐंठ लिए।
शादी कराई न पैसे लौटाए, विवाद पर उतरा आरोपी
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब न तो शादी हुई और न ही आरोपी ने पैसे लौटाए, तो महिला ने अपने पैसे वापस मांगे। पैसे लौटाने की बजाय आरोपी महिला से विवाद और बदसलूकी करने लगा। बुजुर्ग महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया और जांच शुरू की। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही 43 वर्षीय आरोपी किशोर बागरी फरार हो गया।
घेराबंदी कर दबोचा, साइबर सेल की ली मदद
जिला पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने मामले को सुलझाने के लिए थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह तोमर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार 3 अगस्त 2026 की रात मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना और साइबर सेल की तकनीकी लोकेशन के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।
इस शातिर ठग को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह तोमर सहित उपनिरीक्षक गोविंद प्रसाद चौबे, प्रधान आरक्षक हेमेंद्र सिंह जादौन, आरक्षक सुरेश राठौर, सोनू यादव, अर्जुन बागड़ी, शिवचरण दांगी, सत्यनारायण यादव तथा साइबर सेल के आरक्षक घनश्याम राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।

