सुसनेर, अग्निपथ। शहर की बेशकीमती शासकीय गोचर भूमि सर्वे क्रमांक 1985 पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर खेती की जा रही है। पुलिस कॉलोनी और विश्वकर्मा मंदिर के सामने स्थित इस भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन से मांग की गई है।
निजी भूमि की आड़ में कब्जा
यह शासकीय गोचर भूमि अपनी निजी जमीन से सटी होने का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने कई बीघा जमीन दबा ली है। एक व्यक्ति ने अपनी निजी जमीन से लगी लगभग आठ बीघा गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी इस सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण जमा रखा है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत
इस संबंध में पूर्व में भी पत्रकार यूनुस खान द्वारा प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन भोपाल और तहसीलदार सुसनेर को शिकायत भेजी जा चुकी है। शिकायत में मांग की गई थी कि गोचर भूमि सर्वे क्रमांक 1985 का सीमांकन करवाकर इसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि शहर के मवेशियों के लिए चरने की जगह उपलब्ध हो सके।
चारे के अभाव से बदहाल गौवंश
सुसनेर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में गौमाता की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। इसका मुख्य कारण चारागाहों का अभाव माना जा रहा है। राजस्व अभिलेखों में सुसनेर क्षेत्र के भीतर हजारों बीघा भूमि गोचर के नाम पर दर्ज है, लेकिन धरातल पर भू-माफिया ने पशुओं के लिए एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ी है। शिकायत के बाद भी अब तक सीमांकन नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।

