सुसनेर, अग्निपथ। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे सिंथेटिक दूध को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आगर कोतवाली पुलिस द्वारा पूर्व में वाहन चेकिंग के दौरान एक यात्री बस से जब्त किया गया नकली दूध बनाने का केमिकल और पाउडर सुसनेर के गांवों में भेजा जा रहा था। इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल दूध पाउडर और खतरनाक रासायनिक पदार्थ मंगाए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट और किराना दुकानों के जरिए मिलावटखोर इस सामग्री को आसानी से प्राप्त कर पानी में मिलाकर नकली दूध तैयार कर रहे हैं।
खाद्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
नकली दूध का कारोबार अब गली-गली में खुली डेरियों तक फैल चुका है। इसके बावजूद खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारियों की कभी-कभार होने वाली नाममात्र की जांच से विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय अनदेखी के कारण मिलावटखोर ऊंचे दामों पर जहरीला दूध बेचने में सफल हो रहे हैं।
जानलेवा बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
डॉक्टरों और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के अनुसार यूरिया, कॉस्टिक सोडा, डिटर्जेंट और फॉर्मेलिन युक्त दूध के सेवन से लिवर, किडनी, पाचन तंत्र और दिल की बीमारियां हो सकती हैं। इससे कैंसर का खतरा रहता है और शरीर में कैल्शियम तथा प्रोटीन की भारी कमी हो जाती है।

