ब्लैकमेल कांड: एक आरोपी सेंधवा से दूसरा तराना से धराया

मामला: पोहा फैक्ट्री मालिक से पांच लाख रुपए मांगने का

उज्जैन, अग्निपथ। दुष्कर्म मामले के आरोपी की पत्नी से पांच लाख रुपए मांगने वाले दोनों आरोपी गुरुवार को नागझिरी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एक आरोपी ट्रक में घूमकर फरारी काटते हुए सेंधवा से गिरफ्त में आया। वहीं दूसरा तराना में छूपा मिला। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

दौलतगंज स्थित भूरी का अड्डा निवासी भरत उर्फ बंटी बिंदल पर 5 सितंबर को उनकी नागझिरी स्थित पोहा फैक्ट्री कर्मचारी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मामला संदिग्ध होने पर पुलिस जांच कर रही थी कि रिंकू मालवीय व दिनेश मालवीय ने खुद को पत्रकार बताते हुए बिंदल की पत्नी रजनी से पांच लाख रुपए मांगे थे। रजनी की रिपोर्ट पर 12 अक्टॅूबर को ब्लैकमेल का केस दर्ज कर पुलिस दोनों को तलाश रही थी। पुलिस से बचने के लिए रिंकू रिश्तेदार ट्रक चालक के साथ भाग गया था। पुख्ता लोकेशन मिलते ही पुलिस ने उसे गुुरुवार को महाराष्ट्र बार्डर स्थित सेंधवा से दबोच लिया। वहीं दिनेश के तराना में रिश्तेदार के यहां छूपे होने का जानकारी पर दबिश देकर उसे भी गिरफ्त में ले लिया। दोनों को पूछताछ के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

ऐसे कर रहे थे ब्लैकमेल

याद रहे रजनी बिंदल ने एसपी से शिकायत की उनकी पोहा फैक्ट्री कर्मचारी को अभद्र व्यवहार के कारण नौकरी निकालकर क्वार्टर खाली करने का कहा था। इसी विवाद के चलते 30 अगस्त को रिंकू और दिनेश फैक्ट्री आए और खुद को पत्रकार बताकर पांच लाख में समझौता करवाने का कहा। नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस घटना के पांच दिन बाद महिला ने पहले अज्ञात पर बंधक बनाने और फिर पति बंटी पर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करवाया। उन्होंने आरोपियों की वाट्सअप पर मामला रफा-दफा करने व अखबार में खबरें रोकने की चेटिंग की कॉपी भी सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पर धारा 384,419 व 34 के तहत केस दर्ज किया था बाद में 21 अक्टॅूबर को धारा 389 बढ़ा दी थी।

यह अब भी फरार

गौरतलब है रजनी बिंदल ने अहिरवार समाज के संभागीय अध्यक्ष, सर्व रविदास संघ प्रदेश उपाध्यक्ष व भाजपा अजा मोर्चा आईटी सेल नेता शंकरलाल अहिरवार पर भी 25 लाख रुपए में समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने रुपए मांगने व राजीनामे की बात की छह ऑडियों भी पुलिस को सौंपी थी। मामले में अजय चौहान पर भी आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों पर 21 अक्टूबर को केस दर्ज कर 22 अक्टॅूबर को अजय को गिर तार कर लिया था, लेकिन अहिरवार अब तक गिरफ्त में नहीं आ सके। हालांकि उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है।

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