सिंहस्थ भूमि में घर गिराने के विरोध में कांग्रेस ने एसपी आफिस घेरा

उज्जैन, अग्निपथ। सिंहस्थ भूमि पर बने मकानों को तोडऩे का 24 घंटे का अल्टीमेट देने से शहर में हडक़ंप मच गया है। मकान तोडऩे के विरोध में कांग्रेस आ गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा, दो दिन की छुट्टी का फायदा उठाकर प्रशासन लोगों के मकान तोडऩे के लिए पुलिस के साथ गुंडागर्दी पर उतरने जा रहा है। इसका विरोध किया जाएगा।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी ने कहा, विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने वाली भाजपा सरकार और उनके मंत्री खून पसीने से बनाए मकान को तोडऩे जा रहे हैं। कांग्रेस इसका विरोध करती है और मकान नहीं तोडऩे देगी। वहीं कांग्रेस महासचिव सुदर्शन गोयल और डॉ जितेंद्र परमार ने कहा, सांवराखेड़ी में सिंहस्थ की भूमि को माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए छोडऩे की योजना मास्टर प्लान में बनाई जा रही है और लोगों के खून पसीन से एकत्र पैसे से बने मकान तोड़े जा रहे हैं। इसका विरोध किया जाएगा। इस दौरान मुकेश भाटी, माया राजेश त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी, विवेक यादव , अशोक भाटी, डॉ जितेंद्र परमार, सुदर्शन गोयल आदि नेता मौजूद थे।

वहीं पूर्व पार्षद माया राजेश त्रिवेदी ने प्रेस को बयान जारी करके कहा, मप्र सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण, अवैध कालोनियां, कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई, बने मकानों के गरीब मालिकों को 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर गरीब जनता के साथ अमानवीय कृत्य कर रहा है।

त्रिवेदी ने जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश शासन के मुखिया शिवराजसिंह चौहान से पूछा कि गरीब जनता का दोष क्या है। क्या ग्यारसी नगर में विधायक निधि से सडक़ नहीं बनी, मंगल कॉलोनी में विधायक निधि से सडक़ नहीं बनी, अवैध कॉलोनी में विधायक निधि की स्वीकृति, बिना विधायक एवं बिना जिला कलेक्टर या उनके अधीनस्थ सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बिना नहीं हो सकती है।

अवैध कॉलोनी में यह कार्य कैसे हुआ, अवैध कॉलोनी के मकानों को नगर निगम में पंजीकृत कैसे किया गया। उनका टैक्स कैसे नगर निगम में जमा हो गया। क्या नगर निगम आयुक्त से लेकर नगर निगम के वे सभी अधिकारी जिन्होंने नगर

निगम सीमा में सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण होने दिया दोषी नहीं है।
एमपीईबी के अधिकारी जिन्होंने इन क्षेत्रों में पोल लगाए इन घरों पर एमपीईबी का कनेक्शन दिया वे दोषी नहीं है। पीएचई ने पाइप लाइन डाली लोगों को कनेक्शन दिये वे इसके लिए दोषी नहीं है। यदि मध्यप्रदेश शासन को कार्यवाही करना है तो सबसे पहले इनके खिलाफ करें।

माया राजेश त्रिवेदी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के मुखिया शिवराज सिंह चौहान में ताकत हो तो सबसे पहले जिला कलेक्टर उज्जैन को इनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दें। गरीब मकान मालिकों का कोई दोष नहीं है और हम एक भी मकान नहीं टूटने देंगे। कांग्रेस इन सब बातों के खिलाफ रोड पर आंदोलन करेगी एवं सक्षम न्यायालय में भी जाएगी। भाजपा के नेता अब जनता की समस्या के लिए चुप बैठ गए हैं।

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