सोमवार को भारी भीड़, गर्भगृह मेें पौने 2 घंटे ही मिला प्रवेश

प्रशासक ने पूजन अभिषेक कर कराए दर्शन शुरू

उज्जैन, अग्निपथ। कोरोना संक्रमण के चलते सोमवार 6 दिसंबर से 21 महीने बाद महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश शुरू किया गया। लेकिन केवल 1.45 घंटे आम श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के बाद गर्भगृह में प्रवेश पुन: प्रतिबंधित कर दिया गया और 1500 की अभिषेक रसीद पर श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक कराया गया।

पहले दिन सुबह गर्भगृह में प्रवेश देने से पूर्व संघ के पूर्व संघचालक भैयाजी जोशी, महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। पूजन पुरोहित अशोक शर्मा ने संपन्न कराया। सभी ने भगवान महाकाल का अभिषेक कर पूजन किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश दिया गया।

पौने 2 घंटों में 1000 श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान महाकाल के निकट से दर्शन किए और स्पर्श किया। ज्ञातव्य रहे कि कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालु मार्च 2020 के बाद अब बाबा महाकाल को स्पर्श कर पा रहे हैं।

Mahakal Grabhgrah poojan 05122021
गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश आरंभ करने से पहले पूजन करते अधिकारी व पूजारी।

दोपहर 1 से 3 और 8 से 9 के बीच अभिषेक रसीद

सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। जिसके चलते सुबह दर्शन कराने के पश्चात गर्भगृह से दर्शन बंद कर दिए गए थे। दोपहर 1 से 3 बजे तक निर्धारित समय में पुजारी पुरोहितों की 1500 की अभिषेक रसीद पर 2 श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन कराए जाते रहे। इसी तरह रात्रि 8 से 9 के बीच श्रद्धालुओं को अभिषेक रसीद पर दर्शन कराए गए। लेकिन इस दौरान जल नहीं चढ़ाने दिया गया।

भोग आरती में अधिकारी रहे मौजूद

सुबह 10.30 बजे के बाद होने वाली भोग आरती के दौरान स्थिति का जायजा लेने के लिए मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़, सहायक प्रशासक पूर्णिमा सिंघी, प्रतिक द्विवेदी पहुंचे। इस दौरान दर्शन को आए श्रद्धालु आरती की बात सुनकर वहीं पर गणपति मंडपम की रैलिंग में रुक गए थे। जिनको वहां से बाहर करने के निर्देश प्रशासक ने कर्मचारियों को दिए। लेकिन बाद में श्रद्धालुओं को भोग आरती देखने की अनुमति प्रदान कर दी गई।

गर्भगृह से दर्शन कर श्रद्धालु हुए गदगद

कोरोना संक्रमण के चलते 21 महीने बाद महाकालेश्वर मंंदिर का गर्भगृह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया था। लिहाजा दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने वाले श्रद्धालु भगवान का स्पर्श कर काफी खुश नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान महाकाल ने उनको इतने महीनों बाद अवसर दिया है कि जब उन्होंने भगवान महाकाल के निकट से दर्शन किए हैं।

कलेक्टर, एडीएम या प्रशासक की अनुमति आवश्यक

महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद होने के दौरान पुजारी पुरोहित तो अपने यजमानों को 1500 की अभिषेक रसीद पर गर्भगृह से दर्शन और जलाभिषेक करवा देंगे लेकिन प्रोटोकाल लेने वालों को इस दौरान गर्भगृह में प्रवेश के लिए 1500 की अभिषेक रसीद कटवाने के साथ कलेक्टर, एडीएम या प्रशासक की अनुमति लेना होगी। इनकी बगैर अनुमति के प्रोटोकाल लेने वालों को प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी।

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