हड़ताल छोड़ रिश्वत लेने आया पंचायत सचिव, लोकायुक्त ने कर लिया गिरफ्तार

फलोद्यान योजना की फाइल पूरी करने के लिए मांगे थे पांच हजार

जावरा / रतलाम। मध्य प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में काम – काज ठप्प पड़े है। प्रदेश में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और जनपद पंचायत के अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रखी है। लेकिऩ ग्राम पंचायत सुखेड़ा का एक सचिव किसान से 2 हजार की रिश्वत लेने हड़ताल छोड़ के चला गया। जिसे लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया है।

लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने सोमवार को जिले कि पिपलौदा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुखेड़ा के सचिव जगदीश पांचाल को किसान से दो हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। किसान शंकरलाल मालवीय निवासी ग्राम धामेडी दो बीघा जमीन में नींबू और जामफल का बगीचा लगाना चाहता है। उसने करीब एक साल पहले शासन की फलोद्यान योजना का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायत सुखेड़ा में आवेदन किया था। पंचायत को आवेदन मंजूर कर उसकी फाइल की खानापूर्ति कर जनपद पंचायत में भेजना थी। लेकिन पंचायत सचिव द्वारा फाइल पूरी नहीं की जा रही थी।

शिकायत के बाद बनाई टीम ने योजना

इसके बाद शंकरलाल मालवीय ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय जाकर लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी। शिकायत पर लोकायुक्त ने जगदीश पांचाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडऩे की योजना बनाई तथा लोकायुक्त का दल निरीक्षक रविंद्र कुमार पाराशर और बलवीर यादव के नेतृत्व में सोमवार दोपहर पिपलौदा पहुंच गया। ग्राम पंचायत सचिव जगदीश पांचाल ने शंकरलाल मालवीय को पिपलौदा स्थित अपने निजी कार्यालय पर रुपए लेकर बुलाया था।

दल उसके कार्यालय के आस पास घेराबंदी कर छिप गया । शंकरलाल मालवीय द्वारा कार्यालय में जाकर जगदीश पांचाल को दो हजार रुपये दिए और दल को इशारा किया। इशारा मिलते ही दल वहां पहुंचा तथा जगदीश पांचाल को गिरफ्तार कर लिया गया। दल में आरक्षक विशाल रेशमिया हितेष ललावत, अनिल अटोरिया सहित कमलेश लववंशी आदि को शामिल किया गया था।

जिले में लोकायुक्त पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस की रतलाम जिले में तीसरी बड़ी कार्रवाई इसके पूर्व भी होमगार्ड कार्यालय के लिपिक पलसोड़ी गांव की महिला पटवारी भी रिश्वत लेते रंगे हाथों लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़ी जा चुकी है। रतलाम जिले में रिश्वत लेने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

सचिव लगवा रहा था चक्कर

बार-बार चक्कर लगाने के बाद 15 दिन पहले सचिव ने किसान से कहा कि पांच हजार रुपये देना पड़ेंगे तभी उसकी फाइल पूरी कर आगे भेजेगा। किसान ने 23 जुलाई को सचिव जगदीश पांचाल को तीन हजार रुपये दिए और बाकी दो हजार रुपये सोमवार को देने की बात हुई थी।

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