कोरोना काल के पहले अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर अकसर चर्चा में रहने वाला जिला अस्पताल रविवार को एक बार फिर सुर्खियां बन रहा है। कारण है यहां कि मौत की सीढ़ी (लिफ्ट) रविवार को यहां बंद हो गई और अंदर फंसे मरीज व परिजन, इनमें महिलाएं भी शामिल हैं, उन्हें करीब 10 फिट ऊपर से कूदकर बाहर निकालना पड़ा। जिला अस्पताल में कोरोना काल के पहले रोज हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते थे। लेकिन कोरोना काल के बाद यहां मरीजों की संख्या में गिरावट आई है और रोज सौ-दो सौ मरीज भी इलाज के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। कोरोना काल के पहले अव्यवस्थाओं पर जिम्मेदारों द्वारा कहा जाता था कि ज्यादा लोड होने के कारण कई व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं रह पाती है। लेकिन अब तो ऐसा कुछ नहीं है। अब तो यहां गिने-चुने मरीज ही पहुंच रहे हैं। सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की जरूरी व्यवस्थाएं भी अगर यहां का भारी-भरकम स्टॉफ दुरुस्त नहीं रख पा रहा है, तो यह जांच का विषय है। खासकर लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधा का रखरखाव तो बेहद ही जरूरी है। लिफ्ट के रखरखाव के साथ ही इमरजेंसी साधन भी यहां होना थे, जो रविवार को नजर नहीं आए।
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