महाकाल मंदिर प्रशासन से छुपाकर किया जा रहा काम, निकले सामानों की अब की जा रही लिस्टिंग

महाशिवरात्रि पर महाकाल

डिस्मेंटल हुए निर्माण कार्यों के सामानों की सूची बनाने में जुटी स्टोर शाखा

उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत मंदिर के अन्न क्षेत्र सहित महाकाल धर्मशाला, महाकाल प्रवचन हाल और कंट्रोल रूम को डिस्मेंटल किया गया है। इसमें से निकाले गए गए सामानों की सूची मंदिर प्रशासन ने अब कहीं जाकर तलब की है। जिसके चलते आनन-फानन में सामानों को सूचीबद्ध करने का कार्य शुरू किया गया है। वहीं स्टोर शाखा के पास कई प्रभार होने के कारण गड़बड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन से छुपाकर शाखा प्रभारियों द्वारा मनमाना कार्य आज भी पहले की ही तरह किया जा रहा है। दैनिक अग्निपथ में 24 जनवरी को छपी खबर के बाद अब मंदिर प्रशासन द्वारा डिस्टमेंट में निकले सामानों की सूची तलब की गई है। ऐसे में स्टोर शाखा द्वारा आनन फानन में सूची बनाने का कार्य किया जा रहा है।

महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत सबसे पहले मंदिर के अन्न क्षेत्र को डिस्मेंटल किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में फर्नीचर सहित रसोई में काम आने वाले सामान को नए अन्न क्षेत्र में पहुंचा दिया गया था। इसके बाद कंट्रोल रूम को डिस्मेंटल किया गया था। यहां से निकाला गया फर्नीचर और एसी आदि सामान को सूचीबद्ध नहीं किया गया और बाले बाले फेसिलिटी सेंटर में बनाए गए नए कंट्रोल रूम में पहुंचा दिया गया। इसी तरह से पुराने महानिर्वाणी अखाड़े की छत पर लगी हुई सोलर पैनल को भी यहां से निकाला गया था।

इसी तरह से महाकाल धर्मशाला में भी फर्नीचर एसी, पलंग सहित ढेरों रोजमर्रा में इस्तेमाल में की गई सामग्री निकाली गई थी। इसी तरह से महाकाल प्रवचन हाल को भी डिस्मेंटल किया जा रहा है। यहां से भी सामान बड़ी संख्या में निकला है।

इसकी सूची भी किस शाखा के पास है। इसका भौतिक सत्यापन मंदिर प्रशासन नहीं कर पाया क्योंकि इसको सूचीबद्ध नहीं किया गया था। लेकिन खबर प्रकाशन के बाद मंदिर प्रशासन ने सूची तलब कर इनकी पेशानियों पर बल डाल दिए हैं।

अब किया जा रहा सूचीबद्ध

जानकारी में आया है कि मंदिर प्रशासन ने डिस्मेंटल हुए निर्माण कार्य में निकले सामानों की सूची तलब की है। जिसके चलते स्टोर शाखा द्वारा अब आनन-फानन में सभी सामानों को सूचीबद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में सामानों की गड़बड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। जिस समय सामानों को निकाला गया था, उसी दौरान सूची बनाकर उसको शाखा अथवा अन्य कहीं पर रखा जाना चाहिए था जो कि नहीं किया गया।

सैनिटाइजर मशीन सहित लैपटाप नहीं पहुंचा

जानकारी में आया है कि घरों में उपयोग की जाने वाली सामग्री जैसे एसी, फर्नीचर सहित अन्य उपयोगी सामान मंदिर से घरों में पहुंच जाता है। इसका उदाहरण पूर्व में लिए गए मामले से समझा जा सकता है। जब दान की गई मैटिन और सैनिटाइजर मशीन घरों में पहुंच गई थी। इसी तरह से एक लैपटाप भी मंदिर तक नहीं पहुंच पाया है। मंदिर प्रशासन को इन सब सामानों की सूची तलब कर इसका भौतिक सत्यापन करवाना आवश्यक है। अन्यथा यह सामान लोगों के घरों की शोभा बन सकता है।

स्टोर शाखा के पास कई प्रभार!

किसी भी कार्यालय में परचेसिंग, टेंडर, स्टाक, मेंटेनेंस सहित अन्य प्रभार अलग-अलग शाखाओं के पास होते हैं। लेकिन महाकालेश्वर मंदिर में स्टोर शाखा के पास सबसे ज्यादा प्रभार हैं। ऐसा क्यों है जबकि उनको अलग-अलग शाखा में विभाजित कर काम को आसान बनाया जा सकता है। लेकिन स्टोर शाखा के पास ही सभी प्रभार दिए जाने के कारण गड़बड़ी और हेराफेरी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ेंः महाकालेश्वर मंदिर के डिस्मेंटल हुए निर्माण कार्यों के सामानों को नहीं किया गया सूचीबद्ध

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