धार, अग्निपथ। ग्राम निम्बोल में शासकीय चरनोई भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस चौकी निसरपुर में आरोपी विनोद पाटीदार, उसकी पत्नी रंजना पाटीदार और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव व सरपंच के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद खुली पोल
शिकायतकर्ता मोतीलाल पाटीदार द्वारा प्रस्तुत आवेदन और उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेश के बाद हुई जांच में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि ग्राम निम्बोल स्थित सर्वे क्रमांक 171/1/1/1/1 रकबा 4.25 हेक्टेयर, जो कि राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चरनोई भूमि के रूप में दर्ज है, उस पर आरोपियों ने अवैध निर्माण कर लिया था।
पंचायत पदाधिकारियों की मिलीभगत से रची साजिश
नायब तहसीलदार कुक्षी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी विनोद और रंजना ने तत्कालीन सरपंच स्व. केशरबाई पटेल और तत्कालीन सचिव साधुराम फुलमाली के साथ मिलीभगत की। बिना किसी कानूनी आधार के ग्राम पंचायत से 17 सितंबर 2021 को एक फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। इस कूटरचित दस्तावेज के आधार पर आरोपियों ने 1000 वर्गफीट भूमि की ‘सह-स्वामित्व’ वाली रजिस्ट्री निष्पादित करवा ली।
पैतृक संपत्ति बताकर शासकीय भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास
हैरानी की बात यह है कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों में इस सरकारी जमीन को पैतृक संपत्ति बताया गया, जबकि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि कभी भी उनके परिवार के नाम पर दर्ज नहीं रही। पटवारी और राजस्व विभाग की जांच में स्पष्ट हुआ कि पंचायत को केवल आबादी भूमि के संबंध में प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है, चरनोई भूमि का नहीं। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत शासकीय भूमि को हड़पने के लिए यह जाल बुना था।
शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में हेराफेरी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निजी स्वामित्व की भूमि बताकर धोखाधड़ी की गई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दंपत्ति और तत्कालीन सरपंच और सचिव पर प्रकरण दर्ज किया गया है। – राजेश यादव, थाना प्रभारी, कुक्षी
