धार: जमीन-जायदाद से मोहभंग, सोने-चांदी की चमक में सुरक्षित निवेश तलाश रहे लोग; नई गाइडलाइन की तैयारी शुरू

धार, अग्निपथ। धार जिले में इस वर्ष अचल संपत्ति (जमीन और मकान) की खरीदी-बिक्री के प्रति लोगों का रुझान काफी कम देखा गया है। बाजार के जानकारों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में हुई लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए निवेशकों ने अपना पैसा सुरक्षित करने के लिए सराफा बाजार का रुख किया है। इसका सीधा असर पंजीयन विभाग के राजस्व पर पड़ा है। वर्तमान में विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। खास बात यह है कि इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से जिले की 1 हजार से अधिक लोकेशनों की पहचान की गई है, जहां दरों में 10 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है।

राजस्व के लक्ष्य से पिछड़ा विभाग, डंप डेटा और एआई का सहारा

चालू वित्तीय वर्ष में पंजीयन विभाग को 309 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन फरवरी माह के अंत तक मात्र 192 करोड़ रुपये ही सरकारी खजाने में आ सके हैं। यह कुल लक्ष्य का केवल 65 प्रतिशत ही है। अब शेष 118 करोड़ रुपये का राजस्व एक महीने में जुटाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विभाग अब ‘संपदा-2’ सॉफ्टवेयर और एआई के माध्यम से उन क्षेत्रों का विश्लेषण कर रहा है जहां पिछले 4-5 वर्षों से गाइडलाइन नहीं बढ़ी है।

भूखंडों की रजिस्ट्री घटी, कृषि भूमि में आई तेजी

फैक्ट फाइल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में भूखंड (प्लॉट) और बिल्डिंग की रजिस्ट्रियों में भारी गिरावट आई है। जहां 5100 भूखंडों का लक्ष्य था, वहां मात्र 2530 रजिस्ट्रियां ही हो सकी हैं। इसी तरह बिल्डिंग की रजिस्ट्रियां भी लक्ष्य से काफी पीछे हैं। हालांकि, कृषि भूमि के क्षेत्र में उत्साह देखा गया है और 5800 के लक्ष्य के मुकाबले 6900 रजिस्ट्रियां दर्ज की गई हैं। निवेशकों की इसी सतर्कता और बदलते रुझान के कारण इस साल दस्तावेजों का आंकड़ा भी पिछले साल के 15 हजार के मुकाबले अब तक मात्र 10 हजार के आसपास सिमट गया है।

मास्टर प्लान और निवेश क्षेत्र का विस्तार

जिले में औद्योगिक विकास को देखते हुए 29 गांवों को नए निवेश क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसके अलावा 10 नई कॉलोनियों को भी इस बार गाइडलाइन के दायरे में लाया जा रहा है। शहर के मास्टर प्लान के आधार पर नई दरें तय की जा रही हैं, जिससे भविष्य में राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। पंजीयन महानिरीक्षक के निर्देशों के अनुसार, उप मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद जिला मूल्यांकन समिति के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिसे 31 मार्च तक कंप्यूटर सिस्टम में अपडेट कर 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा।

अधिकारियों का कहना

“मुख्यालय के निर्देशानुसार नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। उप मूल्यांकन समिति के प्रस्तावों पर जिला स्तरीय समिति में चर्चा की जाएगी। दावों और आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, भोपाल भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही नई दरें प्रभावी होंगी।”

प्रभात बाजपेयी, जिला पंजीयक, धार


फैक्ट फाइल: एक नजर में राजस्व की स्थिति

विवरणलक्ष्य / संख्यावर्तमान स्थिति
वार्षिक राजस्व लक्ष्य309 करोड़ रुपये192 करोड़ रुपये (अब तक)
भूखंड रजिस्ट्री लक्ष्य51002530
बिल्डिंग रजिस्ट्री लक्ष्य22681800
कृषि भूमि रजिस्ट्री लक्ष्य58006900
संभावित वृद्धि10% से 25% तक

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