धार, अग्निपथ। वनमंडलाधिकारी एल. सुधाकर के मार्गदर्शन में धार और सरदारपुर की संयुक्त टीम ने लकड़ी तस्करों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। बदनावर-धार मार्ग पर घेराबंदी कर विभाग ने भारी मात्रा में अवैध रूप से ले जाई जा रही नीम की लकड़ी जब्त की है। विशेष बात यह है कि तस्करी में प्रयुक्त आयसर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी फर्जी पाया गया है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी और जब्ती
वन परिक्षेत्र सरदारपुर और धार की संयुक्त टीम को मुखबिर से लकड़ी तस्करी की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बदनावर-धार मार्ग पर मोर्चा संभाला और एक संदिग्ध आयसर वाहन (MP 09 GF 7368) को रोका। जांच के दौरान वाहन में हरे-भरे नीम के पेड़ों की अवैध कटाई कर तैयार की गई लकड़ी भरी हुई पाई गई। विभाग ने तत्काल लकड़ी सहित वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
जांच में फर्जी निकला वाहन का नंबर
वन परिक्षेत्राधिकारी सरदारपुर डॉ. शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया कि तस्करों ने विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का सहारा लिया था। गहराई से जांच करने पर वाहन का पंजीयन क्रमांक फर्जी पाया गया। इस गंभीर विषय को देखते हुए वन विभाग ने अब परिवहन विभाग को भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित किया है। फिलहाल वाहन को जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
होली पर्व के मद्देनजर विशेष निगरानी
उपवनमंडलाधिकारी सुनील सुल्या के अनुसार, आगामी होली पर्व को देखते हुए अवैध वनोपज परिवहन और लकड़ी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग की इस औचक और बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनों की सुरक्षा को लेकर इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
कार्रवाई में शामिल रही संयुक्त टीम
इस पूरी कार्रवाई का सफल नेतृत्व वन परिक्षेत्राधिकारी धार सचिन सयदे ने किया। संयुक्त टीम में सरदारपुर से विक्रमसिंह निनामा, विजय भुरिया, मनीष पंवार, प्रतापसिंह गोयल तथा धार से जितेंद्र गोड, महेंद्र डामरे, शक्ति उपाध्याय, रामसिंह कनेल एवं लक्ष्मण भवेल प्रमुख रूप से शामिल रहे। जब्त वाहन को आगामी कार्रवाई हेतु रेंज कैंपस सरदारपुर लाया गया है।
