साधु-संतों ने एसपी से की मुलाकात, कार्रवाई पर जताया संतोष
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन के चार धाम मंदिर के पीठाधीश्वर और निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरि जी के विरुद्ध झूठा षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ अब साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी जी महाराज की अगुवाई में संतों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (एसपी) बंगले पहुंचा। संतों ने स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रचने वाले तत्वों की जल्द गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई करने की मांग उठाई। इस दौरान संतों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना की और टीम को साधुवाद दिया।
वाराणसी की महिला को मोहरा बनाकर रचा गया षड्यंत्र
उल्लेखनीय है कि वाराणसी की एक महिला के माध्यम से महामंडलेश्वर को बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की साजिश रची गई थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद संत समाज में भारी रोष व्याप्त है। संतों ने एसपी को सौंपे पत्र में घटना के मुख्य सूत्रधार घनश्याम पटेल और ममता जोशी उर्फ मंदाकिनी पुरी सहित अन्य सहयोगियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की।
महाकाल थाना पुलिस ने इस मामले में दो नामजद और एक अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है। परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी महाराज ने आशंका जताई कि देश के कई राज्यों में सनातन धर्म और संतों को बदनाम करने के लिए ऐसे गिरोह सक्रिय हैं, जो महिलाओं को ढाल बनाकर षड्यंत्र रचते हैं।
मुख्यमंत्री से भी मिलेगा संतों का प्रतिनिधिमंडल
संत समाज का कहना है कि ऐसे आपराधिक तत्वों का रिकॉर्ड खंगालकर उन्हें समाज से दूर किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई किसी संत की गरिमा पर प्रहार न कर सके। इस मामले को लेकर संतों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात करेगा।
इस अवसर पर भृर्तहरि गुफा के गादिपति पीर महंत रामनाथ जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि जी महाराज, जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रामेश्वर गिरि जी महाराज, महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत श्याम गिरि जी महाराज (राधे-राधे बाबा), सुरेश्वरानंद पुरी महाराज, दत्त अखाड़े के श्रीमहंत आनंद पुरी महाराज, समुद्र गिरि महाराज, अग्नि अखाड़े के महंत कृष्णानंद ब्रह्मचारी महाराज और सोहम आश्रम के महंत विवेकानंद महाराज सहित अन्य संत-महंत उपस्थित थे।
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