सीहोर, अग्निपथ। श्री सत्य साईं प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत युवा संसद’ का अत्यंत उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का शीर्षक ‘आपातकाल के 50 वर्ष: लोकतंत्र के लिए एक सबक’ रखा गया था। इस गरिमामयी आयोजन में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मुकेश तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं को जागरूक करने और उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के लिए यह मंच अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशिष्ट अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. हेमंत शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें लोकतंत्र की असली शक्ति बताया। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय राठौर ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम लोकतंत्र की नींव को और अधिक मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे।
पांच प्रतिभागियों का राज्य स्तर हेतु चयन
युवा संसद में जज की महत्वपूर्ण भूमिका कैप्टेन संजय कुलकर्णी, डॉ. अमृता सोनी, शैलेश तिवारी, मनोज कुमार जैन और डॉ. प्रदीप चौहान ने निभाई। निर्णायक मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पांच प्रतिभावान प्रतिभागियों को राज्य स्तर के लिए चयनित किया। चयनित होने वाले विद्यार्थियों में नंदिनी पाण्डेय, मेहरोज हुसैन, तरुणा मेवाड़ा, सेविता शर्मा एवं निहारिका चौहान शामिल हैं।
सफल आयोजन में सहभागिता
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती रूचि चौहान एवं डॉ. आदित्य गुप्ता द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. गार्गी सिंह ने किया। इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर युवा अधिकारी श्रीमती निक्की राठौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. धीरज सिंदे, डॉ. ऋषिकेश यादव, डॉ. सुसेन थॉमस, प्रदीप माहेश्वरी, अंकित जोशी, रोहन यादव, नरेंद्र राजोरा, रोहित उवने, हिमांशु जायसवाल, योगेंद्र त्यागी, दीपक और लोकेश वर्मा सहित विश्वविद्यालय के अन्य सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
