25 से अधिक देश होंगे शामिल
उज्जैन, अग्निपथ। विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में 13 से 17 मार्च 2026 तक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्लेंडर’ (प्राचीन वैभव का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव) आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 7 बजे तक चलेगा। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन की जानकारी गुरुवार को देवास रोड स्थित कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी गई।
शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं, पौराणिक कथाओं और विश्व की प्राचीन सभ्यताओं को प्रस्तुत करना है।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में फिजी, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, वेनेजुएला, मेक्सिको, नेपाल और श्रीलंका सहित कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक और कलाकार विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारत से प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, जयंत देशमुख और श्वेता मेहता भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक संगम और कूटनीति
इस महोत्सव को अमेरिका, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इज़राइल और इंडोनेशिया जैसे अनेक राष्ट्रों का सहयोग प्राप्त है। पिछले वर्षों (2024 एवं 2025) में भी विश्व के विभिन्न देशों के उच्चाधिकारियों ने यहाँ अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई थी। मार्च 2025 में फिजी के उच्चायुक्त महामहिम जगन्नाथ सामी और वेनेजुएला की राजदूत सुश्री कापाया रोड्रिगेज गोंजालेज जैसे प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी। इन आयोजनों ने वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा प्रदान की है।
साहित्य, कला और अध्यात्म का अनूठा संगम
विक्रम उत्सव के तहत उज्जैन में केवल फिल्में ही नहीं, बल्कि साहित्य और कला के अन्य रंग भी बिखरेंगे। 14 मार्च को घंटाघर चौक पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा, जिसमें पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, अरुण जैमिनी और गजेंद्र प्रियांशु जैसे विख्यात कवि काव्य पाठ करेंगे। इसके अतिरिक्त, कालिदास अकादमी परिसर में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से केरल म्यूरल चित्र शैली में निर्मित ‘शिव पुराण चित्रकला प्रदर्शनी’ लगाई जाएगी। शाम को पारंपरिक नृत्य जैसे शिव तांडव, ओडूगुल्लू, कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां होंगी।
अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी और फिल्मों का प्रदर्शन
महोत्सव के दौरान महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में 13 से 15 मार्च तक ‘भारतीय ज्योतिष में वेध परंपरा’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी आयोजित होगी। फिल्म महोत्सव में ‘जय महादेव’, ‘राजा हरिश्चंद्र’ और ‘संपूर्ण रामायण’ जैसी कालजयी हिंदी फिल्मों के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं (गुजराती, तेलुगु, तमिल, बंगाली) की धार्मिक फिल्में दिखाई जाएंगी। साथ ही वियतनाम के शिव मंदिर परिसर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘म्यसोन’ और कंबोडिया के ‘अंकोरवाट’ पर केंद्रित फिल्में भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
