मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: किसानों को गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, उज्जैन को मिली एलीवेटेड कॉरिडोर की सौगात

भोपाल, अग्निपथ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में किसानों, बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए गेहूं के समर्थन मूल्य पर अतिरिक्त बोनस देने का ऐलान किया है। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।

किसानों के लिए खुशखबरी: समर्थन मूल्य पर 40 रुपये का बोनस

प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं की खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस देने का निर्णय लिया है। यह राशि समर्थन मूल्य के अतिरिक्त होगी, जिससे किसानों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि होगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों गेहूं उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

उज्जैन में बनेगा भव्य एलीवेटेड कॉरिडोर, सड़क विकास को मिले 4525 करोड़

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत प्रदेश में ढांचागत विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने 4,525 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण उज्जैन शहर के लिए लिया गया निर्णय है। धार्मिक नगरी उज्जैन में यातायात को सुगम बनाने के लिए चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन एलीवेटेड कॉरिडोर और निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन एलीवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

कुल 5.32 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की निरंतरता के लिए 1,543 करोड़ और अन्य पुल व सड़क निर्माण योजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये आवंटित किए गए हैं। शासकीय भवनों, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक के रखरखाव के लिए भी 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

रीवा की पनवार सिंचाई परियोजना को हरी झंडी

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने रीवा जिले की ‘पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना’ को मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 228 करोड़ 42 लाख रुपये है। इससे रीवा जिले की जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों की लगभग 7,350 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा और कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी।

प्रशासनिक सुधार: वित्त विभाग को सौंपा गया ‘भंडार क्रय’ का जिम्मा

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों में संशोधन करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव को मंजूरी दी है। अब तक एमएसएमई विभाग के अंतर्गत आने वाले “मध्यप्रदेश भंडार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को अब वित्त विभाग के अंतर्गत स्थानांतरित कर दिया गया है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, बल्कि इससे खरीद और सेवा उपार्जन की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी।

कैबिनेट से पहले प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात

मंत्रिपरिषद की बैठक में एक और दिलचस्प वाकया देखने को मिला। बजट सत्र के बाद से लगातार बैठकों से दूर रहने की चर्चाओं के बीच पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक में शामिल हुए। कैबिनेट शुरू होने से पहले प्रहलाद पटेल विशेष रूप से विजयवर्गीय के कक्ष में पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त मुलाकात के बाद वे एक साथ बैठक स्थल पर पहुंचे, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।

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