शाजापुर, अग्निपथ। जिले के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने एक मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की के साथ ज्यादती करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर विभिन्न धाराओं में आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना पिछले साल 20 अप्रैल की है। फरियादी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग बेटी सुबह करीब 11 बजे घर से कचरा फेंकने गई थी, लेकिन दोपहर 12 बजे तक वापस नहीं लौटी। परिजनों और रिश्तेदारों ने उसे आसपास काफी तलाशा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब कर लिया और उसके कथन दर्ज किए। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 20 अप्रैल को जब वह कचरा फेंकने गई थी, तब वहां से पैदल-पैदल वह आरोपी लखन पिता कन्हैयालाल मालवीय आयु 35 वर्ष, निवासी भेरू चौक, बेरछा के घर चली गई थी। वहां आरोपी लखन ने उसे बहला-फुसलाकर उसके साथ गलत काम किया।
पुलिस ने संपूर्ण अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। इस संवेदनशील प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रदीप भटेले द्वारा की गई। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी लखन को दोषी माना और विभिन्न धाराओं में दंडित किया।
