शाजापुर, अग्निपथ। डिजिटल युग में जहां तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसका उपयोग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए कर रहे हैं। शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को पहले प्रेम के जाल में फंसाया गया और फिर उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी लूट ली गई। हनीट्रैप का यह खेल इतना भयानक था कि बुजुर्ग ने बदनामी के डर से अब तक लाखों रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए।
मंदिर में मुलाकात और दोस्ती का बिछाया गया जाल
इस पूरी साजिश की नींव वर्ष 2023 में रखी गई थी। कोतवाली थाना क्षेत्र के निवासी पीड़ित बुजुर्ग की मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की एक महिला से हुई थी। पार्वती ने बड़ी ही चतुराई से बुजुर्ग से मेलजोल बढ़ाया और धीरे-धीरे उनके करीब आ गई। सामान्य बातचीत से शुरू हुआ यह सिलसिला जल्द ही गहरी जान-पहचान में बदल गया। पीड़ित को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि भक्ति के केंद्र मंदिर से शुरू हुई यह मुलाकात उनके लिए एक बुरा सपना साबित होने वाली है।
वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग बनी ब्लैकमेलिंग का हथियार
जब बुजुर्ग महिला के झांसे में पूरी तरह आ गए, तब आरोपियों ने अपनी असली चाल चली। शिकायत के अनुसार, एक दिन पार्वती ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया। इस बातचीत के दौरान उसने बेहद शातिराना तरीके से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसी वीडियो क्लिप को हथियार बनाकर ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने बुजुर्ग को धमकी दी कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वे इस वीडियो को सार्वजनिक कर देंगे और उन्हें दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवा देंगे।
बदनामी के डर से लुटा दी जीवन भर की कमाई
समाज में प्रतिष्ठा खोने और कानूनी पचड़ों में फंसने के डर से बुजुर्ग आरोपियों की मांगों के आगे झुकते चले गए। शुरुआत में उनसे 5 हजार रुपये लिए गए, लेकिन जैसे ही आरोपियों को उनकी कमजोरी का पता चला, मांगों की रकम बढ़ती गई। आरोपियों ने पीड़ित से कभी 5 लाख तो कभी 7 लाख रुपये की किस्तों में अब तक कुल 33 लाख रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, जालसाजों ने धोखे से बुजुर्ग से कई कोरे शपथ पत्रों पर भी हस्ताक्षर करवा लिए, जिनका उपयोग वे उन्हें और अधिक डराने के लिए कर रहे थे।
20 लाख की नई मांग और जान से मारने की धमकी
हैरानी की बात यह है कि 33 लाख रुपये लेने के बाद भी आरोपियों की भूख शांत नहीं हुई। मुख्य आरोपी पार्वती बैरागी, राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने अब बुजुर्ग पर 20 लाख रुपये और देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 12 अप्रैल 2026 तक यह राशि नहीं दी गई, तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और बुजुर्ग को जान से मार देंगे। लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक तंगी से तंग आकर अंततः पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
