आईफोन और लाखों की नगदी जब्त
सीहोर, अग्निपथ। शहर के सुदामा पुरी इलाके में रहने वाले तनय खंडेलवाल को डरा-धमकाकर करीब 17 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अज्ञात जालसाज ने पीड़ित को किसी गंभीर मामले में फंसाने का खौफ दिखाकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।
घटना की शिकायत मिलते ही भैरूंदा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। एसपी के निर्देश और आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया।
साइबर सेल की मदद से हसनपुर का विमल मीणा दबोचा
पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की छानबीन के लिए तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की लोकेशन और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसके आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर नर्मदापुरम के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हसनपुर से आरोपी विमल मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए महज़ 19 वर्षीय आरोपी विमल मीणा ने पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़ित से ऐंठे गए रुपयों में से 7 लाख रुपये की भारी-भरकम नगदी मौके पर ही बरामद कर ली।
ठगी के पैसों से खरीदा चमचमाता आईफोन 17 प्रो, खाता भी हुआ फ्रीज
शातिर ठग ने पीड़ित से धोखाधड़ी कर ऐंठे गए रुपयों से अपनी ऐशो-आराम की चीजें खरीदी थीं। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी के पैसों से खरीदा गया एक कीमती आईफोन 17 प्रो और एक अन्य रेडमी कंपनी का महंगा एंड्रॉइड स्मार्टफोन जब्त किया है।
इसके साथ ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के बैंक खाते में जमा 2 लाख 15 हजार रुपये की राशि को भी तत्काल फ्रीज करवा दिया है। जब्त किए गए दोनों मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 लाख 90 हजार रुपये बताई जा रही है।
बाकी की रकम उगलवाने के लिए पुलिस ने कोर्ट से मांगी रिमांड
भैरूंदा थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नगदी, फ्रीज राशि और मोबाइल सहित कुल 11 लाख रुपये का मशरूका विधिवत रूप से अपनी कस्टडी में ले लिया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया।
वारदात में शामिल शेष राशि की बरामदगी और ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सुराग तलाशने के लिए पुलिस ने कोर्ट से आरोपी की रिमांड मांगी है। इस पूरी कार्रवाई में उनि कौशलेन्द्र सिंह, प्रआर दीपक यादव और साइबर सेल सीहोर की मुख्य भूमिका रही।

