नागदा जंक्शन, अग्निपथ। नागदा पुलिस ने एक सूने मकान में हुई सनसनीखेज चोरी की वारदात का बेहद कम समय में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 6 लाख रुपये की कीमत के सोने के आभूषण और नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
सीएसपी विक्रम अहिरवार और टीआई अमृतलाल गवरी ने सोमवार को थाना परिसर में मीडिया को बताया कि एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर गठित 10 सदस्यीय विशेष टीम के लिए इस अनसुलझी चोरी को ट्रेस करना एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस टीम ने लगातार सात दिनों तक भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए दिन-रात अथक परिश्रम किया।
जांच के दौरान टीम ने नागदा, उज्जैन, खाचरौद, इंदौर और महिदपुर सहित विभिन्न हाईवे पर लगे 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के घंटों लंबे फुटेज खंगाले। संदिग्धों के रूट का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद आखिरकार मुख्य आरोपी की पहचान हो सकी।
खरगोन का शातिर बदमाश सनावद से गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों और फिंगर प्रिंट विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रतलामसिंह उर्फ रत्तु (26 वर्ष) निवासी खरगोन को सनावद क्षेत्र से दबोच लिया। पूछताछ में उसने धार जिले के अपने दो अन्य साथियों दीपक सिकलीगर और शिवराज पिता हरपाल निवासीगण गंधवानी (जिला धार) के साथ मिलकर वारदात करना कबूल किया है।
आरोपियों का यह गिरोह पहले क्षेत्र के सूने और ताला लगे मकानों की बाकायदा रेकी करता था और फिर निशाना बनाता था। पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सनावद के पास छिपाकर रखा गया शत-प्रतिशत चोरी का माल बरामद कर लिया है।
70 हजार नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से छह लाख रुपये की अनुमानित कीमत के सोने के आभूषण और 70 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की है। इस वारदात में शामिल फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों की भी सटीक पहचान की जा चुकी है। फरार बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही शेष आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
डॉग स्क्वॉड और विशेष टीम की बड़ी कामयाबी
इस पूरी चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी, फिंगर प्रिंट प्रभारी आशा सोलंकी और उपनिरीक्षक वीरेंद्र चौहान की मुख्य भूमिका रही। इसके साथ ही सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और डॉग स्क्वॉड के अखिलेश ने भी सराहनीय काम किया।

