मानसून अब भी लापता
भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को उज्जैन सहित कई शहरों में तेज बारिश हुई। इसी बीच छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से दो चचेरी बहनें गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों बच्चियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 12 वर्षीय आरती अहिरवार ने दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बहनें अचानक शुरू हुई तेज आंधी और बारिश से बचने के लिए खेत के पास ही स्थित एक आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़ी हो गई थीं। उसी दौरान अचानक पेड़ पर कड़कड़ाती हुई बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों मासूम आ गईं।
इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। धार जिले में करीब दो इंच तक पानी बरसा, जबकि राजधानी भोपाल में एक इंच से कुछ कम बारिश रिकॉर्ड की गई। उज्जैन में दोपहर 1 बजे से लगभग डेढ़ घंटे हुई बारिश के दौरान करीब 9 मिमी पानी बरसा
तापमान में भारी उतार–चढ़ाव
सोमवार को हुई इस मानसूनी हलचल के बाद मौसम विभाग ने तापमान के आंकड़े जारी किए हैं। हिल स्टेशन पचमढ़ी में अधिकतम तापमान इकतीस दशमलव छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। दूसरी ओर, दतिया बयालीस दशमलव दो डिग्री के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
प्रदेश के बड़े शहरों में इंदौर, उज्जैन और भोपाल का तापमान 35 डिग्री के आसपास बना रहा, जबकि ग्वालियर चालीस डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी होने के कारण मध्य प्रदेश में इसकी आमद लेट हो गई है।
इस बार मानसून की सुस्त रफ्तार
आमतौर पर मध्य प्रदेश में 15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 20 जून बीतने के बाद भी स्थितियां अनुकूल नहीं दिख रही हैं। तेलंगाना में अटका मानसूनी सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके 25 जून तक मध्य प्रदेश पहुंचने की उम्मीद है।
मानसून में हो रही इस देरी के कारण जून महीने में होने वाली सामान्य बारिश का आंकड़ा देश के इस मध्य हिस्से में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती-किसानी पर संकट मंडराने लगा है।

