करोड़ों रुपये की लागत से एक साल पहले बनकर तैयार हुआ आधुनिक भवन, प्रशासनिक उदासीनता के कारण पुराने जर्जर परिसर में बैठने को मजबूर हैं सैकड़ों छात्र; उग्र आंदोलन की चेतावनी।
नलखेड़ा, अग्निपथ। स्थानीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के एक वर्ष बाद भी स्कूल को वहां स्थानांतरित न किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। प्रशासनिक शिथिलता और विभागीय उदासीनता के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नलखेड़ा ने मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) दिनेश त्रिवेदी और सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य मनोज चतुर्वेदी से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने विद्यालय को तत्काल प्रभाव से नवीन भवन में संचालित करने की पुरजोर मांग की है।
करोड़ों की लागत, फिर भी पुराने भवन में संकट
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राधेश्याम भालोट के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शासन द्वारा क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से सांदीपनि विद्यालय के नवीन भव्य भवन का निर्माण कराया गया था। इस निर्माण कार्य को पूर्ण हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर विद्यालय को नए परिसर में शिफ़्ट नहीं किया जा रहा है।
वर्तमान स्थिति यह है कि विद्यालय आज भी अपने पुराने और जर्जर हो चुके भवन में ही संचालित हो रहा है। पुराने परिसर में कमरों की संख्या और स्थान की भारी कमी है।
छात्रों की मुख्य परेशानियां:
क्षमता से अधिक छात्र: पुराने भवन के कमरों में उनकी वास्तविक क्षमता से दोगुने छात्र-छात्राओं को बैठने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
शैक्षणिक व्यवधान: अत्यधिक भीड़ और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव: भीषण गर्मी और बदलते मौसम के बीच छोटे कमरों में बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
विपक्ष का कड़ा रुख: उग्र आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राधेश्याम भालोट ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार एक तरफ शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की लागत से तैयार बुनियादी ढांचा (Infrastructure) धूल फांक रहा है। उन्होंने प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र सांदीपनि विद्यालय को नवीन भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चुप नहीं बैठेगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस ज्ञापन पर सकारात्मक और त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे छात्रों और उनके अभिभावकों को साथ लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इस स्थिति में होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन, चक्का जाम या धरना प्रदर्शन की समस्त जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की होगी।
जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक सुर में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और नए शिक्षा सत्र में बच्चों को नए भवन की सौगात देने की मांग की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने और नियमानुसार जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

