आगर मालवा, अग्निपथ। आगर मालवा का कलेक्टर कार्यालय इन दिनों भ्रष्टाचार और विवादों का मुख्य केंद्र बन चुका है। कलेक्ट्रेट कार्यालय कभी किसी फाइल की हेराफेरी तो कभी किसी अन्य गड़बड़ी को लेकर लगातार चर्चा में बना रहता है। अभी प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर से जुड़ा मामला पूरी तरह ठंडा भी नहीं हुआ था कि कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित खाद्य विभाग के भीतर लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर हड़कंप मचा दिया है। लोकायुक्त भोपाल के पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज एक भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी को रंगे हाथों दबोचा गया है। लोकायुक्त की विशेष टीम ने जाल बिछाकर खाद्य विभाग के आरोपी बाबू मनीष कुमार पांडे को पचास हजार रुपये की नकद रिश्वत राशि के साथ उनके ही शासकीय कार्यालय में रंगे हाथों ट्रैप कर लिया।
सेवानिवृत्ति के पैसों के बदले मांगी डेढ़ लाख की घूस
इस सनसनीखेज मामले का पूरा विवरण बेहद चौंकाने वाला है। आठ जुलाई दो हजार छब्बीस को आवेदक विजय कुमार बोरसिया निवासी जावरा जिला रतलाम ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद कुमार यादव को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। आवेदक ने बताया था कि उनके पिता गोवर्धन लाल आगर मालवा में जिला आपूर्ति अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण आदि के करीब सत्ताइस लाख रुपये का भुगतान बकाया था। इस वैध राशि को निकालने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले में जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के बाबू मनीष कुमार पांडे ने डेढ़ लाख रुपये की मोटी घूस मांगी थी। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त निरीक्षक दीपक सेजवार से इसकी सत्यता की जांच कराई गई। गोपनीय जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने तुरंत भ्रष्ट बाबू को पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप दल का गठन किया।
लोकायुक्त की दस सदस्यीय टीम ने ऐसे दबोचा
योजना के मुताबिक आज जैसे ही शिकायतकर्ता विजय कुमार बोरसिया ने जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी कार्यालय आगर में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन और प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पांडे को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में पचास हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। कैमिकल से हाथ धुलवाते ही बाबू के हाथ गुलाबी हो गए। इस पूरी सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाले दल में लोकायुक्त के उप पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र पटेल, निरीक्षक दीपक सेजवार, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक श्याम शर्मा, इसरार, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम सहित कुल दस कर्मठ सदस्यों की टीम शामिल रही। कलेक्ट्रेट जैसी सुरक्षित जगह पर हुई इस बड़ी छापामार कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले और अन्य भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

