उज्जैन। फ्रीगंज इलाके में हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की मोबाइल चोरी ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को हाईचॉईस और एसएस मोबाइल शॉप से 100 से ज्यादा महंगे स्मार्टफोन पार कर दिए गए।
इस वारदात के बाद हरकत में आई माधव नगर थाना पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान छेड़ दिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनके हाथ कई अहम सुराग लगे हैं और जल्द ही पूरी गैंग सलाखों के पीछे होगी।
कार से आए थे हाई-टेक चोर, टोल प्लाजा पर भी पैनी नजर
शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण से यह बात साफ हो गई है कि शातिर चोर एक कार में सवार होकर आए थे। उन्होंने बेहद प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया और चंद मिनटों में ही लाखों का माल समेट कर रफूचक्कर हो गए।
आरोपियों के भागने के रूट को ट्रेस करने के लिए पुलिस की टीमें शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को बारीकी से खंगाल रही हैं। अब तक 500 से ज्यादा कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की जा चुकी है और टोल प्लाजा के डाटा का भी मिलान किया जा रहा है।
टीआई के अनुसार, जांच का दायरा सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के संदिग्ध ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही है। साइबर सेल की मदद से टावर डंप डाटा खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों की डिजिटल लोकेशन का पता चल सके।
व्यापारियों में भारी आक्रोश, पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर उठे सवाल
शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र फ्रीगंज में इतनी बड़ी वारदात होने से स्थानीय व्यापारी वर्ग में भारी रोष और दहशत का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही तमाम कारोबारी लामबंद होकर माधव नगर थाने पहुंचे और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाली।
आक्रोशित व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से कहा है कि अगर जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उनका सीधा आरोप है कि मुख्य बाजार में सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है और रात्रिकालीन गश्त महज एक दिखावा बनकर रह गई है।
कारोबारी संगठनों ने मांग की है कि इस पूरे इलाके में पुलिस पिकेट बढ़ाई जाए और गश्त करने वाले जवानों की संख्या में इजाफा हो। उनका मानना है कि पुलिस की सक्रियता ही भविष्य में ऐसी वारदातों को रोक सकती है और सुरक्षा का भाव जगा सकती है।
चोरी में बाहरी अंतर्राज्यीय गैंग का हाथ होने की प्रबल आशंका
जिस शातिराना अंदाज में इस पूरी करोड़ों की चोरी को अंजाम दिया गया है, उससे पुलिस को अंतर्राज्यीय गैंग के शामिल होने का पूरा शक है। स्थानीय चोरों के लिए इतने कम समय में इतनी बड़ी तादाद में मोबाइल पार करना और बिना सुराग छोड़े निकल जाना लगभग नामुमकिन है।
एसपी प्रदीप शर्मा खुद इस पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और उन्होंने जांच टीमों को हर एंगल से तफ्तीश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह किसी दूसरे शहर से आई संगठित गैंग का काम है, जिसने पहले से पूरी रेकी कर रखी थी।
पुलिस अब पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, जो पहले इस तरह की हाई-प्रोफाइल चोरियों में लिप्त रहे हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि अगर कोई समान पैटर्न वाली गैंग सक्रिय हो, तो उसका सुराग जल्द मिल सके।
चोरी गए मोबाइलों के आईएमईआई नंबर सर्विलांस पर
चोरी हुए 100 से अधिक महंगे स्मार्टफोन्स की रिकवरी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिसके लिए विशेषज्ञों की टीम लगी है। सभी चुराए गए मोबाइलों के आईएमईआई नंबरों को सर्विलांस पर डाल दिया गया है ताकि जैसे ही कोई फोन ऑन हो, उसकी तुरंत लोकेशन मिल जाए।
इसके अलावा आसपास के सेकेंड हैंड मोबाइल मार्केट और संदिग्ध खरीदारों पर भी खुफिया नजर रखी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि चोर इन मोबाइलों को खपाने की कोशिश जरूर करेंगे और यही उनकी चूक साबित होगी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों और व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी कीमत पर इन शातिर अपराधियों को बख्शने वाले नहीं हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर भी संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग का सिलसिला जारी है।
