5 टन का सरकारी दावा या 12-15 टन की ज़मीनी हक़ीक़त?

धार वन विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

धार, अग्निपथ। वन मंडल धार द्वारा अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग के अनुसार मुखबिर की सूचना पर गठित गश्ती दल ने लेबड़ ब्रिज मार्ग पर एक ट्राला रोककर तलाशी ली। वाहन में जलाऊ लकड़ी के गुटके और फांचरे भरे मिले। चालक गणेश निवासी धार ने पूछताछ में बताया कि लकड़ी बदनावर स्थित विनय टिम्बर मार्ट की आरा मशीन से भरकर इंडोरामा, पीथमपुर स्थित श्री पेपर कंपनी ले जाई जा रही थी।

विभागीय जानकारी के अनुसार चालक के पास परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन को मांडव रोड स्थित रेस्ट हाउस लाया गया। विभाग ने जब्त लकड़ी की मात्रा लगभग 5 टन और बाजार मूल्य करीब 30 हजार रुपये आंका है।

फोटो-वीडियो ने खोली पोल, 12 से 15 टन लकड़ी होने की चर्चा

कार्रवाई के दौरान बनाए गए फोटो और वीडियो के आधार पर ट्राला गुटके और फांचरों से पूरी तरह लदा हुआ दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर स्थानीय लोगों में चर्चा है कि लकड़ी की वास्तविक मात्रा 5 टन नहीं, बल्कि 12 से 15 टन के बीच थी। इसका अनुमानित बाजार मूल्य भी 50 से 60 हजार रुपये तक माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लकड़ी विनय टिम्बर मार्ट से लोड हुई थी, तो ये गुटके किस आरा मशीन पर काटे गए? प्रेस नोट में इस बात का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। वाहन की दोबारा तौल कराई गई या नहीं, यह भी रहस्य बना हुआ है।

औद्योगिक इकाइयों तक रोजाना पहुंच रहे अवैध लकड़ी से भरे वाहन

धार वन मंडल में लकड़ी तस्करों की सक्रियता को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि पीथमपुर की औद्योगिक इकाइयों तक रोजाना 10 से 15 अवैध लकड़ी से भरे वाहन पहुंच रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि विभागीय अमला जानकारी होने के बाद भी केवल कागजी खानापूर्ति और छोटी-मोटी कार्रवाइयों तक ही सीमित रहता है।

कई रास्तों से हो रहा अवैध परिवहन, निष्पक्ष जांच की मांग

खरगौन, बड़वाह, धामनोद, मनावर, कुक्षी, सरदारपुर, बाग, टांडा, सादलपुर और घाटा बिल्लौद से होते हुए मानपुर, बेटमा, देपालपुर और गौतमपुरा के रास्तों से इंदौर तक लकड़ी पहुंचने की खबरें लगातार आती रही हैं। हरे पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायतें भी पहुंची हैं। अब देखना यह है कि वन विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच सामने लाता है या मामला दबा दिया जाता है।

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