एक भी दोष लेकर तथा एक भी गुण छोड़ के आत्मा मोक्ष में नहीं जा सकती हैं : जैनाचार्य मुक्तिप्रभसूरिजी पेटलावद, अग्निपथ। झारखंड के सम्मेतशिखरजी महातीर्थ से करीबन 2 हजार कि.मी.की पदयात्रा कर मालवा की धरती पर पधारे जैनाचार्य मुक्तिप्रभ सूरीश्वरजी, जैनाचार्य पुण्यरक्षितसूरीजी एवं सागर समुदाय के जैनाचार्य विजयआनंदचंद्र सागरसूरिजी […]
