उज्जैन, अग्निपथ। धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर से मात्र 150 मीटर की दूरी पर स्थित कोट मोहल्ला क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से एक अवैध कत्लखाना संचालित हो रहा था। बुधवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस ने लोहे के पुल के समीप इस संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
आस्था के केंद्र के पास खूनी खेल
बाबा महाकाल के दरबार के इतने करीब इस तरह की अवैध गतिविधियों का चलना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। नियमानुसार, धार्मिक नगरी होने के नाते महाकाल मंदिर के 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के बूचड़खाने या मांस की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध है। इसके बावजूद, घनी आबादी वाले कोट मोहल्ला क्षेत्र में चोरी-छिपे मूक पशुओं का कत्ल किया जा रहा था। थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक मकान के भीतर अवैध रूप से पशुओं को काटा जा रहा है।
छापेमारी में बरामद हुए जिंदा बछड़े और भारी मात्रा में मांस
पुलिस टीम ने जब योजनाबद्ध तरीके से मकान की घेराबंदी कर भीतर प्रवेश किया, तो वहां फर्श पर खून के निशान और मांस के टुकड़े बिखरे पड़े थे। मौके से पुलिस ने दो जिंदा बछड़े बरामद किए, जिन्हें मौत के घाट उतारने की तैयारी थी। इसके अलावा तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मांस, पशु काटने में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ियां, धारदार छुरे और मांस तोलने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी यहां पाडे का मांस काटकर अवैध रूप से बेचते थे।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज, आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी हाजी मुस्तकीम और वसीम बंबईया के खिलाफ मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) सहित आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। छापेमारी के दौरान आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि ये पशु कहां से लाए जाते थे और मांस की आपूर्ति किन-किन इलाकों में की जा रही थी।
थाने में गुजरी बछड़ों की रात, अब गौशाला में सुरक्षित
थाना प्रभारी गगन बादल ने एक मानवीय पहल करते हुए बताया कि बरामद किए गए दोनों बछड़ों को पहले दिन थाने लाया गया। वहां पुलिसकर्मियों ने स्वयं उनकी देखभाल की और उनके भोजन के लिए चारे का प्रबंध किया। गुरुवार को दोनों बछड़ों को सुरक्षित रूप से रक्षाखेड़ी स्थित नगर निगम की गौशाला भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के रहवासियों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि किस तरह सालों से यह अवैध कारोबार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर चल रहा था।
