अवैध चढ़ावे का मामला: मां बगलामुखी मंदिर समिति ने सुपुर्दगी में लिया करोड़ों का सोना-चांदी और नकदी

मां बगलामुखी

गैर सरकारी संस्था से करोड़ों का सोना, चांदी और नकदी सुपुर्दगी में ली गई

नलखेड़ा, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में शासकीय प्रबंध समिति को दरकिनार कर गर्भगृह में स्वर्ण-रजत सौंदर्यीकरण के नाम पर अवैध रूप से लिए गए चढ़ावे के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय मां बगलामुखी प्रबंध समिति ने गैर सरकारी संस्था सुदर्शन सेवा समिति से करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी सुपुर्दगी में ले लिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को मां बगलामुखी प्रबंध समिति के पदेन अध्यक्ष कमल मंडलोई एवं प्रबंध समिति के सचिव तथा तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव ने मंदिर कार्यालय में कार्रवाई निष्पादित की। इसके तहत संस्था से 30 किलो 955 ग्राम नक्काशी की चांदी, 33 किलो 287 ग्राम सादी चांदी तथा 103.58 ग्राम सोना विधिवत सुपुर्दगी में लिया गया। जब्त चांदी की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपये तथा सोने की कीमत 14 लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त 17 लाख रुपये की नकदी राशि भी जब्त कर सुपुर्दगी में ली गई है।

जिला कोषालय के डबल लॉक स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाया गया माल

शासकीय प्रबंध समिति द्वारा सुदर्शन सेवा समिति से सुपुर्दगी में लिए गए उक्त सोना-चांदी का पंचनामा बनाकर उन्हें सील बंद दो बॉक्स में सुरक्षित किया गया। इसके उपरांत संपूर्ण सामग्री को जिला कोषालय के स्ट्रांग रूम के अंतर्गत डबल लॉक में रखवा दिया गया है। वहीं जब्त की गई 17 लाख रुपये की नकदी राशि को भी प्रबंध समिति ने अपने संरक्षण में ले लिया है।

विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रश्न लगते ही हरकत में आया प्रशासन

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र में बड़वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजन मंडलोई द्वारा मां बगलामुखी मंदिर में गैर सरकारी संस्था द्वारा अवैध रूप से लिए जा रहे चढ़ावे, जांच कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक न करने एवं दोषियों पर कार्रवाई को लेकर ध्यानाकर्षण प्रश्न लगाया गया था। विधानसभा में प्रश्न उठते ही प्रशासनिक अमला तत्काल हरकत में आया और आनन-फानन में करोड़ों रुपये के सोना-चांदी व नकदी की जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

वर्षों से चल रहा था अवैध वसूली का खेल, निष्पक्ष जांच से बेनकाब होंगे चेहरे

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में वर्ष 2024 से शासकीय प्रबंध समिति को दरकिनार कर सुदर्शन सेवा समिति द्वारा गर्भगृह के सौंदर्यीकरण के नाम पर श्रद्धालुओं से भारी मात्रा में सोना, चांदी एवं नकदी स्वीकार की जा रही थी। यदि प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्षता से सूक्ष्म जांच करे तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं और अनेक रसूखदारों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

Next Post

360 रुपये प्रति लीटर का 280 लीटर संदिग्ध घी जब्त, खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

Mon Jul 27 , 2026
उज्जैन, अग्निपथ। मिलावटखोरों और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने महिदपुर में बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गुणवत्ता का भारी मात्रा में घी और मावा जब्त किया गया। जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने […]

Breaking News