उज्जैन, अग्निपथ। मिलावटखोरों और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने महिदपुर में बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गुणवत्ता का भारी मात्रा में घी और मावा जब्त किया गया। जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने तुरंत सील करके जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भिजवा दिए गए हैं। विभाग की इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के मिलावटखोरों और संदिग्ध व्यापार में लगे व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।
बाजार में औचक निरीक्षण और संदिग्ध घी का भंडारण
खाद्य सुरक्षा आयुक्त मध्यप्रदेश तथा उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के कड़े निर्देशों पर जिलेभर के बाजारों में बिक रहे दूध, घी, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के एक विशेष दल ने महिदपुर तहसील के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। दल जब यशवंत मार्ग स्थित बाकलीवाल ट्रेडर्स पर पहुंचा तो वहां ‘मिल्क क्रीम’ नाम से 500 मिलीलीटर, 1 लीटर, 5 लीटर और 15 किलोग्राम की अलग-अलग पैकिंग में भारी मात्रा में घी संग्रहित पाया गया।
बेहद कम कीमत देखकर अधिकारियों को हुआ संदेह
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब दुकान पर मौजूद खरीद-बिक्री के बिलों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। बाकलीवाल ट्रेडर्स द्वारा यह घी एसआरएमआई मिल्क फूड डेयरी इंडस्ट्रीज एलएलपी, पलदा (इंदौर) से मात्र 360 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा गया था। वर्तमान समय में शुद्ध देशी घी के बाजार मूल्य की तुलना में इतनी कम कीमत पर घी की उपलब्धता ने अधिकारियों के मन में गंभीर संदेह पैदा कर दिया। इतने कम दाम में शुद्ध घी का क्रय-विक्रय गुणवत्ता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
एक लाख रुपये का घी जब्त और मावे के भी लिए नमूने
संदेह के आधार पर खाद्य सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान में संग्रहित लगभग 280 लीटर घी जब्त कर लिया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। जब्त किए गए घी के वैधानिक नमूने लेकर उन्हें सूक्ष्म जांच एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भिजवाया गया है। इसके बाद दल ने महिदपुर रोड स्थित रमेशचन्द्र राजमल जैन मावा भंडार पर भी छापा मारा। अधिकारियों ने वहां उपलब्ध मावे की गुणवत्ता परखने के लिए उसके भी नमूने एकत्रित किए और प्रयोगशाला जांच हेतु भेज दिए।
रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी सख्त कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूनों में किसी भी तरह की मिलावट अथवा अमानक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जिले में यह सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

