खरगोन, अग्निपथ। शहर में सूर्य के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिससे पूरी नगरी तपने लगी है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण दोपहर के समय शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा नजर आया। जो मार्ग आम दिनों में चहल-पहल से भरे रहते थे, वहां केवल वीरानगी दिखाई दी।
घरों में कैद हुए नागरिक, व्यापार प्रभावित
तेज धूप के कारण नागरिक घरों में दुबकने को मजबूर हैं। अति आवश्यक कार्य होने पर ही लोग पूरे बदन को ढंककर बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का सीधा असर व्यापार पर भी पड़ रहा है; दोपहर के समय बाजारों से ग्राहक पूरी तरह गायब हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। केवल शीतल पेय और मौसमी फलों की दुकानों पर ही इक्का-दुक्का लोग नजर आ रहे हैं।
चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
बढ़ते पारे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी है। चिकित्सकों के अनुसार, लू से बचने के लिए भरपूर पानी पीना और तरल पदार्थों का सेवन करना अनिवार्य है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने चिंता और बढ़ा दी है, जिसके अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और अधिक तीखे हो सकते हैं।
बड़ोद में मौसम का मिजाज बदला: दिनभर की तपिश के बाद झमाझम बारिश से मिली राहत
बड़ोद, अग्निपथ। नगर में रविवार को मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। दिनभर सूरज की तपिश और भीषण उमस ने नागरिकों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय पारा चढ़ने से लोग घरों में ही दुबके रहे। हालांकि, रात होते-होते मौसम ने करवट बदली और करीब 8:10 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया।
ठंडक घुलने से जनजीवन को मिली राहत
अचानक हुई इस बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। भीषण गर्मी झेल रहे नगरवासियों ने राहत की सांस ली। बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बनी, लेकिन युवाओं और बच्चों ने भीगकर मौसम का भरपूर आनंद लिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में भी हल्की वर्षा की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रभाव कम बना रह सकता है।
