जल गंगा संवर्धन अभियान: महादेव पर्वत पर नदियों के उद्गम स्थलों का कायाकल्प

खरगोन, अग्निपथ। जल स्रोतों के संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के उद्देश्य से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत एक सराहनीय पहल की गई है। जिले के झिरन्या विकासखंड के अंतर्गत आने वाले मालगांव स्थित महादेव पर्वत पर वैदा, कुंडा, सुक्ता और ताप्ती नदियों के उद्गम स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य इन पवित्र उद्गम स्थलों को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कर उन्हें उनके मूल स्वरूप में वापस लाना है।

श्रमदान से निखरे जल स्रोत और कुंड

अभियान के दौरान महादेव पर्वत पर स्थित विभिन्न नदियों के उद्गम स्थलों पर भारी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर श्रमदान किया। इस दौरान न केवल साफ-सफाई की गई, बल्कि प्राचीन कुंडों को व्यवस्थित आकार देने और उनके संरक्षण के लिए घेराबंदी करने का कार्य भी किया गया। उद्गम स्थलों की महत्ता बताने के लिए वहां सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नदियों के किनारों पर सघन वृक्षारोपण किया जाए, ताकि भू-जल स्तर में सुधार हो सके और नदियों का प्रवाह अविरल बना रहे।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील

श्रमदान के पश्चात आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “कल-कल बहता जल तभी सुरक्षित रहेगा जब समाज इसे अपना आंदोलन बनाएगा।” उन्होंने जानकारी दी कि यह महाअभियान 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून 2026 तक निरंतर चलेगा। इसका उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर सफाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को जल सहेजने और स्वच्छता को अपने दैनिक व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से सप्ताह में कम से कम दो घंटे अपनी जल संरचनाओं की सफाई के लिए देने का आह्वान किया।

शपथ ग्रहण और सामुदायिक सहभागिता

इस अवसर पर उपस्थित सभी परामर्शदाताओं, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधियों और प्रस्फुटन सदस्यों ने जल संरक्षण की सामूहिक शपथ ली। विकासखंड समन्वयक श्री महेश कुमार खराडे और श्री धर्मेन्द्र गुप्ता ने भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि नदियों के उद्गम स्थलों की रक्षा करना हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया और स्वच्छ जल के उपयोग के उपाय बताए गए।

कार्यक्रम में माणिकेरा ग्राम विकास समिति से श्री उमेश सोहनी, पार्वती सेवा मंडल से श्री सीताराम वास्कले, सिलदार डावर शिक्षा समिति से श्री संजय डावर और मुख्यमंत्री इंटर्नशिप के परामर्शदाता श्री सुरेश खरते सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री महेन्द्र सोलंकी और ग्रामवासियों ने इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया कि वे अपनी नदियों और जल स्रोतों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखेंगे।

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