धार बनेगा ‘सेफ सिटी’: महिलाओं के लिए देश के 10 सबसे सुरक्षित शहरों में शामिल हुआ ऐतिहासिक धार

धार, अग्निपथ। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक नगरी धार के लिए गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए देश के जिन 10 शहरों को ‘सेफ सिटीज’ परियोजना के लिए चुना है, उनमें मध्यप्रदेश से एकमात्र धार जिले को स्थान मिला है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री और क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर के प्रयासों से मिली इस उपलब्धि के तहत केंद्र सरकार धार को 10 करोड़ रुपये की विशेष राशि प्रदान करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित, रोशन और सुविधायुक्त बनाना है।

निर्भया फंड से शहर होगा अभेद्य

यह परियोजना ‘निर्भया फंड’ की अवधारणा के तहत आगामी 5 वर्षों तक संचालित की जाएगी। इसके अंतर्गत शहर के सार्वजनिक स्थलों को भयमुक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख चौराहों पर उन्नत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही, अंधेरे वाले स्थानों पर स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रात के समय भी महिलाएं बिना किसी डर के आवागमन कर सकें। मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पिंक टॉयलेट और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

योजना के तहत केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिलाओं की बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ‘पिंक टॉयलेट’ स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को महिला अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष वेटिंग एरिया तैयार किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, धार की पर्यटन महत्ता को देखते हुए ऐतिहासिक स्मारकों पर भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे बाहर से आने वाली महिला पर्यटकों को एक सुरक्षित और सुखद अनुभव मिल सके।

जागरूकता और सशक्तिकरण पर जोर

‘सेफ सिटी’ परियोजना के तहत तकनीकी सुधारों के साथ-साथ सामाजिक बदलाव पर भी कार्य किया जाएगा। शहर में महिला हेल्प डेस्क और त्वरित पुलिस सहायता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिले। सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इस ऐतिहासिक चयन से धार न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि देश के मानचित्र पर महिला सुरक्षा के एक ‘आदर्श मॉडल’ के रूप में स्थापित होगा।

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