धार: सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों से करोड़ों की बेनामी संपत्ति और वाहन बरामद

लोकायुक्त का छापा, सस्पेंड

धार, अग्निपथ। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ लोकायुक्त इंदौर ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एक बहुत बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त की तीन अलग-अलग विशेष टीमों ने एक साथ सोड़पुर, नालछा और मांडव स्थित उनके विभिन्न ठिकानों पर सघन सर्च अभियान चलाया।

शुरुआती जांच में भ्रष्ट प्रबंधक के पास करीब दो करोड़ इकतालीस लाख पैंतालीस हजार रुपये की भारी-भरकम अनुपातहीन संपत्ति होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि करीब बीस साल के लंबे सेवाकाल में उनकी अनुमानित वैध वेतन आय मात्र पैंसठ लाख रुपये आंकी गई है, जबकि इसके मुकाबले अकूत संपत्ति और अन्य मदों में दो सौ इकत्तर दशमलव चार छह प्रतिशत अधिक राशि खर्च होना सामने आया है।

शाखा बगड़ी बैंक में किया अटैच, सहकारिता विभाग की बड़ी कार्रवाई

लोकायुक्त की इस आय से अधिक संपत्ति की बड़ी कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग ने भी त्वरित एक्शन लेते हुए प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नालछा एवं छोटाजामन्या प्राथमिक बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी संस्था में प्रभारी प्रबंधक के रूप में पदस्थ ठाकुर के खिलाफ लोकायुक्त संगठन इंदौर द्वारा सर्च कार्रवाई की गई थी।

इसके बाद चार नवंबर को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के संज्ञान में लेते हुए विभाग ने यह कड़ा निलंबन आदेश जारी किया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धार की बगड़ी शाखा निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही प्राप्त होगा।

मुखबिर की सूचना पर तीन स्थानों पर एक साथ पड़ी रेड

लोकायुक्त संगठन को विश्वसनीय सूत्रों से लगातार यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि सहकारी समिति प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर ने अपने सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार के बलबूते पर आय के ज्ञात स्रोतों से कई गुना अधिक अवैध संपत्तियां खड़ी कर ली हैं। सूचना के पूरी तरह पुख्ता होने के बाद लोकायुक्त टीम ने बुधवार को एक साथ तीन प्रमुख स्थानों पर छापेमार कार्रवाई शुरू की।

इस दौरान भारी मात्रा में अचल संपत्तियों, लग्जरी वाहनों और महंगे कृषि उपकरणों की जानकारी खुलकर सामने आई है। इनमें से कई संपत्तियों के बेनामी होने की भी गहरी आशंका जताई जा रही है, जिन्हें फिलहाल विस्तृत जांच के दायरे में लिया गया है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज

कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए लोकायुक्त ने आरोपी शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम दो हजार अट्ठारह की धारा तेरह एक बी एवं तेरह दो के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। जांच टीमों द्वारा लगातार दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।

सोड़पुर में आलीशान दो मंजिला भवन और व्यावसायिक संपत्ति

प्रारंभिक छानबीन के दौरान ग्राम सोड़पुर, नालछा में शून्य दशमलव एक पांच दो शून्य हेक्टेयर भूखंड पर करीब चौबीस सौ वर्गफीट के क्षेत्रफल में निर्मित एक भव्य दो मंजिला भवन का खुलासा हुआ है। इस बेशकीमती भूखंड की खरीद और आलीशान भवन के निर्माण पर लगभग सत्यानवे लाख रुपये खर्च किए जाने का अनुमान लगाया गया है।

इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोड़पुर तिराहे पर करीब तेरह सौ पचास वर्गफीट का एक विशाल व्यावसायिक भवन भी हाथ लगा है, जिसकी अनुमानित कीमत बीस लाख रुपये आंकी गई है।

पत्नी के नाम पर करोड़ों की कृषि भूमि और प्लाट

जांच के दायरे में प्रबंधक की पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर भी भारी संपत्ति सामने आई है। ग्राम सोड़पुर, तहसील पीथमपुर में उनकी पत्नी के नाम पर शून्य दशमलव छह चार पांच हेक्टेयर कृषि भूमि क्रय की गई है, जिस पर करीब आठ लाख रुपये खर्च होना बताया गया है।

इसके अतिरिक्त ऐतिहासिक नगरी मांडव, तहसील पीथमपुर में पत्नी के नाम पर ही दो दशमलव पाँच दो छः हेक्टेयर बड़ी कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है, जिसकी बाजार कीमत लगभग बयालीस लाख रुपये आंकी गई है।

जेसीबी, ट्रैक्टर, कार और बुलेट का जखीरा बरामद

लोकायुक्त की प्रारंभिक खोजबीन में आरोपी के पास से एक जेसीबी मशीन, एक महिंद्रा ट्रैक्टर, एक महिंद्रा टीयूवी कार, एक आल्टो कार और एक बुलेट मोटरसाइकिल सहित तमाम आधुनिक कृषि यंत्र और संयंत्र भी बरामद किए गए हैं। इन सभी वाहनों और उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत करीब तिरेपन लाख रुपये बताई जा रही है।

इसके अलावा संबंधित ठिकानों पर अन्य कृषि उपकरण और ट्रॉलियां भी मिली हैं, जिनके वास्तविक स्वामित्व और कागजी कीमत का बारीकी से आकलन किया जा रहा है। एक अन्य संदिग्ध भवन के बारे में भी महत्वपूर्ण सूचना मिली है, जिसका फिलहाल भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देशन में चली कार्रवाई

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों, डीआईजी मनोज सिंह के कुशल मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के प्रभावी नेतृत्व में इस बड़ी कार्रवाई को सफलतापूप्र्वक अंजाम दिया गया। डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया के नेतृत्व में गठित अलग-अलग टीमों ने पूरी मुस्तैदी से सर्च कार्रवाई को पूरा किया। लोकायुक्त का दल लगातार जब्ती दस्तावेजों, निवेश और बैंक खातों से जुड़े तमाम रिकॉर्ड की गहराई से जांच-पड़ताल कर रहा है।

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