पार्किंग की जगह बना ली गई थी तीन दुकानें: निगम ने तोड़ा सीएमएचओ का अवैध निर्माण

उज्जैन। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.महावीर खंडेलवाल के परिवार द्वारा फ्रीगंज इलाके में किया गया अवैध निर्माण नगर निगम की गैंग द्वारा तोड़ दिया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम के सामने बन रही चार मंजिला इमारत के भू.तल पर पार्किंग की जगह छोडऩे के बजाए करीब 50 वर्ग मीटर एरिया में तीन दुकानें बना दी गई थी। डा.खंडेलवाल ने उक्त निर्माण खुद या परिवार के किसी सदस्य का होने से साफ इंकार किया है।

मंगलवार की दोपहर जोन क्रमांक 4 की भवन निरीक्षक मीनाक्षी शर्मा कर्मचारियों की टीम लेकर कंट्रोल रूम के सामने पहुंची और यहां निर्माणाधीन बिल्डिंग के भू.तल पर बनी 3 दुकानों की नपती कराकर उनके बीच की दीवारों को तुड़वा दिया। इस काम में घन और बैकहो लोडर मशीन का भी इस्तेमाल किया गया। बिल्डिंग निर्माण करने वाले ठेकेदार और उससे जुड़े लोग भवन अधिकारी के सामने कई तरह के तर्क रखते रहे।

किसी ने उन्हें परमिशन के कागज दिखाए तो किसी ने फोन पर किसी प्रभावशाली व्यक्ति से बात कराने की कोशिश की। भवन निरीक्षक मीनाक्षी शर्मा के मुताबिक बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे में भू.तल पर पार्किंग बनाया जाना था लेकिन मौके पर पार्किंग के बजाए तीन दुकानें बनाकर उन पर शटर लगा दिए गए थे। 7 दिन पहले नगर निगम द्वारा नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन इसका जवाब ही नगर निगम को नहीं मिला। इसीलिए यह कार्रवाही की गई।

परमिशन विमला खंडेलवाल के नाम पर

पुलिस कंट्रोल रूम के सामने जिस विवादास्पद बिल्डिंग का अवैध हिस्सा हटाया गया हैए उसके निर्माण की अनुमति नगर निगम से श्रीमती विमला खंडेलवाल के नाम से जारी हुई है। वे सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल की धर्मपत्नी है। यह परमिशन रेसिडेंशियल सह कमर्शियल निर्माण की है। चार मंजिला बिल्डिंग में नीचे के तल पर पार्किंग के लिए 50 मीटर से ज्यादा जगह छोड़े जाने परमिशन में जिक्र है। इस बिल्डिंग में पार्किंग की जगह पर दुकानें बन जाने की शिकायत धर्मेंद्र भदौरिया नामक शख्स ने सीएम हेल्पलाइन में की हुई थी।

बिल्डिंग यदि मेरी या मेरे परिवार की होती तो मैं मौके पर मौजूद होता। जमीन पहले हमारी थी, जिसे हम बेच चुके है। मामला कंट्रोवर्शियल है इसलिए इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। -डा.महावीर खंडेलवाल,सीएमएचओ

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