मजदूर संघ के कार्यालय पर पटाखे चलाए, मिठाइयां बांटी

बिनोद मिल के मजदूरों ने मनाई दीपावली

उज्जैन, अग्निपथ। बिनोद मिल के मजदूरों ने 31 साल बाद गुरुवार को सही मायने में दीपावली मनाई है। मिल मजदूर संघ के कोयला फाटक स्थित कार्यालय के बाहर पटाखे फोड़े गए, मजदूरों ने एक दूसरे को मिठाईयां खिलाई। गुलाल उड़ाया गया।

बिनोद मिल में काम करने वाले 4 हजार 353 मजदूरों के लिए राज्य शासन द्वारा बकाया रकम के रूप में 89 करोड़ 1 लाख रूपए कोर्ट में जमा कराए जाने की सूचना गुरूवार की शाम मिल मजदूर संघ कार्यालय पर हुई बैठक में सभी श्रमिकों को दी गई। इस बैठक में रूपए प्राप्त करने की प्रक्रिया भी श्रमिकों और उनके आश्रितों को बताई गई।

सभी से मिल का पास, बीमा की पुरानी रसीदे, राशन कार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पास बुक की प्रति और यदि श्रमिक दिवंगत हो गए है तो उनके मृत्यु प्रमाण पत्र मंगाए गए है। सभी श्रमिकों के दस्तावेजों को परिसमापक के पास जमा कराया जाएगा। परिसमापक इनका सत्यापन करेगा और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर श्रमिकों या उनके वारिसों को रकम का भुगतान होना शुरू हो जाएगा। प्रत्येक श्रमिक के खाते में 2 से 4 लाख रूपए तक रकम आएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्यशासन ने श्रमिकों के वर्ष 1991 से 1996 के बीच की बकाया तनख्वाह, इस अवधि का 4 प्रतिशत ब्याज और 1996 से अब तक कुल रकम पर दो प्रतिशत की दर से ब्याज का भी भुगतान किया है।

मजदूर संघ के कोषाध्यक्ष संतोष सुनहरे, वस्त्र उद्योग श्रमिक संघ के प्रधानमंत्री हरिशंकर शर्मा, चिंतामणि तिवारी, प्रद्योत चंदेल, भूपेंद्र कुशवाह एड्वोकेट, मिश्रीलाल, अर्जुनलाल, रामनारायण आदि ने भी बैठक में श्रमिकों को संबोधित किया।

जितनी खुशी, उतना ही दु:ख भी

हक की राशि मिलने की खबर सुनकर इकट्ठा हुए बिमल मिल के श्रमिक व परिजन।
हक की राशि मिलने की खबर सुनकर इकट्ठा हुए बिमल मिल के श्रमिक व परिजन।

उज्जैन मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश भदौरिया ने सभी श्रमिकों के साथ कोयला फाटक स्थित कार्यालय पर पटाखे चलाए, एक-दूसरे को गुलाल लगाई और मुंह मीठा करवाया। भदौरिया ने कहा कि श्रमिकों को रकम का भुगतान जरूर हुआ है, लेकिन इस फैसले में बहुत देर हो गई है। रूपयों की आस में मिल में काम करने वाले आधे से ज्यादा मजदूर तो दिवंगत हो चुके है। यदि उन्हें उनके जीते जी ही यह रकम मिल जाती तो ज्यादा अच्छा होता।

श्रमिकों के बीच पहुंचे विधायक

विधायक पारस जैन भी गुरूवार की शाम मिल मजदूर संघ के कार्यालय पर मिल श्रमिकों की खुशी में शामिल होने पहुंचे। विधायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मिल श्रमिकों की खुशी में शामिल होने के लिए उज्जैन आने वाले है।

अब आगे की प्रक्रिया

  • शुक्रवार को मामले में सुप्रीम कोर्ट में तारीख है, शुक्रवार को ही मिल मजदूर संघ प्रिटिशनर यूनियन और वस्त्र उद्योग श्रमिक संघ द्वारा हाइकोर्ट में अर्जी दायर की जाएगी।
  • हाइकोर्ट से अपील की जाएगी कि शासन द्वारा जमा कराई गई रकम को परिसमापक को ट्रांसफर करे।
  • राशि परिसमापक के पास जाने के बाद दोनों यूनियनें मिल श्रमिकों से प्राप्त दस्तावेजों को सर्टिफाइड कर परिसमापक को सौपेंगी, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मिल श्रमिकों के खातों में रूपए ट्रांसफर होंगे।
  • इस पूरी प्रक्रिया में 2 से 3 महीने का समय लग सकता है।

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