356 करोड़ का दान
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दरबार में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ रहा है कि पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। साल 2023 से 2025 के बीच 20 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया है।
भक्तों की अपार भीड़ के साथ मंदिर के खजाने में जमकर धनवर्षा हुई है। तीन सालों में मंदिर समिति को विभिन्न मदों से 356 करोड़ रुपये का दान मिला है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही प्रतिदिन लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
महाकाल लोक से चमका उज्जैन, व्यापार में आया बूम
प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद से ही दर्शनार्थियों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। इसके साथ ही मंदिर की आय और दान के आंकड़ों में भी ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री महाकाल लोक का भव्य लोकार्पण किया था। इसके बाद से जो जनसैलाब उमड़ना शुरू हुआ, वह आज तक जारी है। बढ़ती भीड़ से शहर का व्यापार भी कई गुना बढ़ चुका है।
लड्डू प्रसादी और नकदी से भरा खजाना, जमा हुए 472 करोड़
मंदिर को मिलने वाले दान के अलग-अलग स्रोत हैं। श्रद्धालु जो नकदी दान पेटी में डालते हैं, उससे पिछले तीन वर्षों में समिति को 175.70 करोड़ रुपये का विशाल नकद दान प्राप्त हुआ है।
वहीं, विश्वभर में प्रसिद्ध बाबा महाकाल के लड्डू प्रसाद की बिक्री ने भी आय का बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। सिर्फ लड्डू प्रसादी की बिक्री से ही प्रबंध समिति को 180.77 करोड़ रुपये की शानदार आमदनी प्राप्त हुई है।
इसके अलावा, बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना नाम बताए गुप्त दान करते हैं। गुप्त दान के रूप में मंदिर को 4.65 करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे महाकाल मंदिर के खजाने में कुल जमा राशि 472 करोड़ रुपये हो गई है।
डेढ़ लाख श्रद्धालु रोज टेक रहे मत्था, 2025 में नया कीर्तिमान
पहले महाकाल मंदिर में रोजाना मात्र 20 से 25 हजार श्रद्धालु ही दर्शन के लिए आते थे। लेकिन महाकाल लोक के अस्तित्व में आने के बाद साल 2023 और 2024 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 5.30 करोड़ तक पहुंच गया।
साल 2025 ने आस्था के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए और इस एक साल में ही दर्शनार्थियों की कुल संख्या 8.42 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई।
वर्तमान में सामान्य दिनों में भी एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं। सावन और शिवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों पर यह आंकड़ा उछलकर दो से पांच लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाता है।
सिंहस्थ के लिए तैयार हो रहा 2200 कमरों का भक्त निवास
करोड़ों रुपये के दान का उपयोग भक्तों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा है। प्रबंध समिति द्वारा मंदिर में कई बड़े निर्माण और विस्तारीकरण के कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं।
इन विकास कार्यों को आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है। श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रशासन और समिति लगातार नई परियोजनाओं को आकार दे रहे हैं।
भक्तों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था के लिए इंदौर-उज्जैन मार्ग पर भक्त निवास का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस भव्य परिसर में 2200 कमरे बनाए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात साबित होंगे।

