दिल्ली लाठीचार्ज और किसानों के मुआवजे पर विपक्ष का कड़ा रुख
भोपाल, अग्निपथ। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर भारी सियासी ड्रामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा न मिलने से नाराज विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद हंगामे के बीच ही सरकार ने 5 महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए।
जबलपुर और उज्जैन मेडिकल यूनिवर्सिटी को लेकर तीखी बहस
सदन में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पर बहस के दौरान जबलपुर और उज्जैन के बीच मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्यक्षेत्र को लेकर तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया।
| मुद्दा | जबलपुर का पक्ष | उज्जैन का पक्ष |
| मूल स्थिति | 15 साल पुरानी मुख्य मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थित है | नया मुख्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव पारित |
| विपक्ष का तर्क | देश के किसी बड़े राज्य में दो मेडिकल यूनिवर्सिटी नहीं हैं | उज्जैन में पर्याप्त सरकारी जमीन का अभाव बताया |
| प्रशासनिक रुख | मौजूदा ढांचे को बनाए रखने की मांग | क्षेत्रीय विकास व विकेंद्रीकरण के तहत नई व्यवस्था |
अनुपूरक बजट और जल जीवन मिशन पर सरकार को घेरा
अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि नर्मदा जल और बिजली पर मध्य प्रदेश का अधिकार था, लेकिन प्रदेश को लाभ मिलने के बजाय गुजरात को आर्थिक मदद दिलाई गई। उन्होंने जल जीवन मिशन में भारी घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता तक पानी नहीं पहुंच सका है। इसके अतिरिक्त शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों के लंबित नियमों का मुद्दा भी उठाया गया।
किसानों के मुआवजे और आदिवासी जमीनों पर हुए फैसले
विधानसभा में विधायक विपिन जैन द्वारा मंदसौर के 15 हजार किसानों के 27.47 करोड़ रुपये के बकाया मुआवजे का मुद्दा उठाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कांग्रेस सदस्यों ने वॉकआउट किया। वहीं राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने आश्वासन दिया कि बिना अनुमति गैर-आदिवासियों के नाम की गई जमीनों का नामांतरण निरस्त कर आदिवासियों को वापस कब्जा दिलाया जाएगा। इसके साथ ही पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने भवन विहीन गांवों में प्राथमिकता पर पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की।
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