पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी व एएसपी ने लोगों को वापस किए उनके फाेन
उज्जैन। पुलिस की आईटी सेल ने पिछले दो साल में गुम हुए 53 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह पुलिस की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। गुरुवार को एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने पुलिस कंट्रोल रूम में मोबाइल फोन धारकों को बुलाकर उनके फोन वापस किए। फोन मिलते ही उनके चेहरों पर खुशी दौड़ गई। फोन मिलने की उम्मीद खो चुके लोगों का कहना था कि जब से मंहगा स्मार्ट फोन गुम हुआ तब से की-पैड वाला या फिर सस्ता फोन इस्तेमाल करने लगे थे।
एएसपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि जो मोबाइल मिले हैं, उनमें तीन फोन दो साल पहले वर्ष 2019 में गुम हुए थे। 48 मोबाइल पिछले साल और दो मोबाइल इस साल गुम हुए थे। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम होने की शिकायतें मिली थीं। पुलिस की आईटी सेल ने सर्विलांस के माध्यम से 53 मोबाइल फाेन बरामद किए हैं। इसकी कीमत करीब 7.78 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि उज्जैन आईटी सेल के पास ऐसी तकनीकी और ऐप हैं, जिनके जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल को खाेज पाना आसान होता है। उन्होंने बताया कि बरामद हुए मोबाइल गुम हुए थे, चोरी नहीं।
मोबाइल के IMEI नंबर को सर्विलांस पर लगाकर सर्च किया जाता है। जिससे उसकी लोकेशन मिल जाती है। यह भी पता चल जाता है कि फोन में किस सर्विस प्रोवाइडर का सिम लगा है और उसका नंबर क्या है। उस नंबर पर फोन कर धारक से मोबाइल वापस लौटाने को कहा जाता है।
परेड के बाद मार्केट गई, वहां जेब से गिर गया था मोबाइल
गुरुवार को पुलिस ने जिन लोगों को मोबाइल वापस किए, उनमें पुलिस विभाग की महिला सिपाही पूजा शर्मा भी थी। पूजा ने बताया कि पिछले साल नवंबर में दशहरा मैदान में परेड के बाद वह स्कूटी से मार्केटिंग करने गई थीं। जेब से पर्स निकालते समय मोबाइल गिर गया और पता ही नहीं चला। घर आई तो मोबाइल जेब में नहीं था। बहुत परेशान हुई। लौटकर आई, परेड ग्राउंड से लेकर मार्केट में जहां-जहां गई थी, सभी जगह खोजा। लेकिन मोबाइल का पता नहीं चला था। गुम होने के बाद मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया गया था। मोबाइल में परेड की फोटो समेत बहुत सारी ऑफिशियल रिकॉर्ड थे। आज जब फोन मिलने के लिए कंट्रोल रूम से फोन आया तो बहुत खुशी हुई।
जनवरी में भी 47 मोबाइल वापस किए थे
एएसपी ने बताया कि इस साल जनवरी में भी आम जनता के गुम हुए 47 मोबाइल फाेन को बरामद कर लौटाया गया था। उनकी कीमत करीब आठ लाख रुपए थी। उन्होंने कहा कि मोबाइल गुम होने की शिकायत सीधे थाने या फिर ऑन लाइन भी कर सकते हैं। इसके लिए फोन के ओरिजनल पेपर की जरूरत होती है। पेपर से ही फोन के IMEI नंबर का पता चलता है। जिससे फोन तलाशने में आसानी होती है।