भोपाल, इंदौर, अग्निपथ। मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की किल्लत के बीच प्रशासन ने कालाबाजारी के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में खाद्य विभाग की टीम ने भोपाल और इंदौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए घरेलू सिलेंडर जब्त किए हैं। इंदौर के न्यू लोहा मंडी इलाके में हरिओम गुप्ता के अवैध गोदाम पर छापेमारी की गई, जहाँ से कुल 66 सिलेंडर बरामद हुए। इनमें 42 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि 24 कमर्शियल सिलेंडर थे। इसी तरह भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले में लईक नामक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यहाँ भी मौके से 16 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी से अवैध रूप से घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया है।
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से कमर्शियल गैस की सप्लाई ठप होने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऑयल कंपनियों ने केवल 15 प्रतिशत गैस उपलब्ध होने की बात कही है, जिसे केवल इमरजेंसी सेवाओं और घरों के लिए आरक्षित रखा गया है। सप्लाई की इस कमी का फायदा उठाकर दलाल सक्रिय हो गए हैं। रीवा जैसे शहरों में 900 रुपये का सिलेंडर 1700 से 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। घरेलू गैस की वेटिंग भी अब 5 से 7 दिन तक पहुँच गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सप्लाई की कमी का सबसे बुरा असर होटल और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ा है। होटल एसोसिएशन का कहना है कि अगर अगले 48 घंटों में आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो होटल बंद करने की नौबत आ जाएगी। शादियों के सीजन में गैस की कमी के कारण कैटरर्स अब डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं। ऑयल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कमर्शियल सिलेंडर केवल अस्पताल, सेना, पुलिस कैंटीन और रेलवे स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को ही दिए जाएंगे। भोपाल और इंदौर में चल रहे मेट्रो कार्य के लिए भी गैस की किल्लत बनी हुई है, जिससे वेल्डिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
