रतलाम, अग्निपथ। आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या के मामले में बुधवार को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन हुआ। परिजनों और पटवारी संघ ने नायब तहसीलदार सविता राठौड़ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और निलंबन की मांग को लेकर 7 घंटे तक धरना दिया।
मेडिकल कॉलेज में आक्रोश और धरना
बुधवार सुबह से ही मृतक के परिजन, पटवारी और सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक नायब तहसीलदार के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं होती, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। इस दौरान जयस नेता और करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह भी समर्थन में पहुंचे। प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम आर्ची हरित ने जमीन पर बैठकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार और मृतक की मां ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार सविता राठौड़, रविशंकर पर नियम विरुद्ध कार्य करने का अनुचित दबाव बनाती थीं। परिजनों का कहना है कि रविशंकर को उनके भाई की शादी के लिए भी छुट्टी नहीं दी गई, जिससे वे अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। रविशंकर ने मृत्यु से पूर्व लिखे पत्र में भी इन प्रताड़नाओं का उल्लेख किया था।
विधायक की चेतावनी और प्रशासनिक कार्रवाई
धरने के दौरान सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार की अधिकारियों से तीखी बहस हुई। विधायक ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की शपथ लेने तक की बात कह दी। दोपहर में मामला बढ़ता देख कलेक्टर मिशा सिंह ने कमिश्नर के अनुमोदन के बाद नायब तहसीलदार सविता राठौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस आश्वासन के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। मेडिकल कॉलेज से शव को पटवारी के पैतृक गांव ले जाया गया, जहां रात 8 बजे उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। विधायक डोडियार ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
