महिदपुर में नाबालिग से ज्यादती का मामला: मुख्य आरोपी को पनाह देने वाला मददगार लखन भोपाल से गिरफ्तार, भेजा जेल

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महिदपुर। पुलिस ने दो महीने से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी लखन उर्फ राजू को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने नाबालिग पीड़िता का अपहरण करने और उसके साथ घिनौना कृत्य करने वाले मुख्य आरोपी कमल की मदद की थी।

वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे सीधे महिदपुर उप-जेल भेज दिया गया है।

बहला-फुसलाकर ले गया था भोपाल, घर में दी थी छिपने की जगह

यह पूरा सनसनीखेज मामला अप्रैल महीने का है, जब 17 अप्रैल 2026 को आरोपी कमल निवासी आक्याधांगा एक नाबालिग लड़की को उसके घर से बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इसके बाद वह पीड़िता को सीधे भोपाल लेकर पहुंचा था।

भोपाल में मुख्य आरोपी कमल ने नाबालिग लड़की के साथ बंधक बनाकर बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इस पूरी साजिश में राजगढ़ के मुगलखेड़ी निवासी आरोपी लखन उर्फ राजू ने मुख्य आरोपी कमल और पीड़िता को भोपाल के लालघाटी स्थित अपने किराए के मकान में छिपने के लिए जगह मुहैया कराई थी।

मुखबिर तंत्र और तकनीकी इनपुट से भोपाल में घेराबंदी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करणदीप सिंह के मार्गदर्शन में महिदपुर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

पुलिस ने सबसे पहले भोपाल में दबिश देकर मुख्य आरोपी कमल के चंगुल से नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित दस्तयाब किया था। इसके बाद पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले में पास्को एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं और फरार मददगार लखन की तलाश तेज कर दी गई।

पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी

मुखबिर से मिली सटीक सूचना और साइबर सेल की तकनीकी मदद से पुलिस टीम ने भोपाल के बरेला ग्राम में घेराबंदी कर आरोपी लखन को दबोच लिया। आरोपी पिछले दो महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर यहां छिपा हुआ था।

इस सराहनीय और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में महिदपुर थाना निरीक्षक अशोक पाटीदार, उनि एम एस चौहान, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र प्रताप सिंह, नारायण सिंह, महिला आरक्षक दुर्गा, लेखराज, चंद्रभान सिंह गुर्जर, समरथ पाटीदार, नारायण और सैनिक महेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही।

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